चंडीगढ़, 05 अगस्त 2026: किसी भी हेल्थ स्कीम की असली सफलता इस बात से नहीं मापी जा सकती कि उस पर कितना खर्च हुआ या कितने मामले सुलझाए गए, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि लोगों को ज़रूरत के समय सही समय पर इलाज मिला या नहीं। भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (MMSY) के तहत 8 जनवरी, 2026 से अब तक 2,91,417 लाभार्थियों को इलाज मिला है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
पंजाब की स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक लगभग ₹1,044 करोड़ की कैशलेस हेल्थ सर्विस दी गई हैं। इन आंकड़ों के पीछे हज़ारों परिवार हैं जिन्हें मेडिकल इमरजेंसी के समय इलाज के खर्च की चिंता किए बिना अपने परिवार के सदस्यों की सेहत पर ध्यान देने का मौका मिला।
हेल्थ और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी हेल्थ स्कीम की सफलता तभी मानी जाती है जब वह ज़रूरत के समय लोगों तक पहुँचे। मुख्यमंत्री सेहत योजना सिर्फ़ आंकड़ों वाली स्कीम नहीं है, बल्कि यह पक्का करने का एक ज़रिया है कि किसी मरीज़ को इलाज और आर्थिक बोझ के बीच चुनाव न करना पड़े। हर लाभार्थी एक ऐसे परिवार का प्रतिनिधित्व करता है जिसे मुश्किल समय में इस स्कीम से सहारा मिला है।”
हेल्थ और परिवार कल्याण मंत्री ने आगे कहा, “हम जानते हैं कि सेहत से जुड़ी ज़रूरतें लगातार बदल रही हैं और हेल्थ सिस्टम को लगातार बेहतर बनाना हमारी ज़िम्मेदारी है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के ज़रिए हम कैशलेस इलाज को और ज़्यादा सुलभ बना रहे हैं, हेल्थ सर्विस को मज़बूत कर रहे हैं और यह पक्का कर रहे हैं कि हर पात्र नागरिक को इस स्कीम का फ़ायदा मिले।”
मुख्यमंत्री सेहत योजना का फ़ायदा उठाने वाले कई लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और इस स्कीम के प्रति अपनी खुशी और संतुष्टि ज़ाहिर की। सुरेशपाल कौर ने बताया कि मुश्किल प्रेग्नेंसी के दौरान मुख्यमंत्री सेहत योजना उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा सहारा बनी।
उन्होंने कहा, “प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी और मुझे सिजेरियन डिलीवरी करवानी पड़ी। ऐसे समय में हेल्थ कार्ड हमारे लिए बहुत मददगार साबित हुआ। बच्चे के जन्म के बाद उसे खास नवजात देखभाल (neonatal care) की ज़रूरत थी, जिसके लिए मुख्यमंत्री सेहत योजना पैकेज के तहत पूरा इलाज भी मुहैया कराया गया। इस स्कीम ने मुश्किल समय में हमारा साथ दिया और मेरे बच्चे को ज़िंदगी की एक स्वस्थ शुरुआत दी।”
सुनाम की रहने वाली रूपिंदर कौर ने बताया कि कई सालों से घुटने के असहनीय दर्द के कारण उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित थी। उन्होंने कहा, “मैं लंबे समय से घुटने के गंभीर दर्द से परेशान थी, लेकिन इलाज के खर्च की चिंता के कारण ऑपरेशन के बारे में सोचना भी मुश्किल था। ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत मेरा घुटना बदलने का ऑपरेशन मुफ़्त में हुआ। इस इलाज ने मुझे फिर से एक सामान्य और बेहतर ज़िंदगी जीने का मौका दिया है।”
इसी तरह, तरनतारन के बीर सिंह को दिल की बीमारी का पता चलने के बाद ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत समय पर इलाज मिला। उनकी एंजियोग्राफी के साथ-साथ PTCA (परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी) भी की गई।
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