यूपी में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ी, एक अक्टूबर से लागू हुईं नई दरें

by Priya

लखनऊ, 27 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों को दिवाली से पहले राहत देते हुए न्यूनतम मजदूरी की नई दरें लागू कर दी हैं। परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) में संशोधन के बाद श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी में 174.25 रुपये से लेकर 238.39 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी।

श्रम विभाग के संशोधित आदेश के अनुसार, यह बदलाव जनवरी से जून 2026 के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत के आधार पर किया गया है। इससे औद्योगिक इकाइयों, प्रतिष्ठानों और संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों को लाभ मिलेगा।

नोएडा और गाजियाबाद में कितनी बढ़ी मजदूरी?

गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,690 रुपये से बढ़ाकर 13,883.59 रुपये कर दी गई है। अर्द्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 15,059 रुपये से बढ़कर 15,271.41 रुपये और कुशल श्रमिकों की मजदूरी 16,868 रुपये से बढ़कर 17,106.39 रुपये हो गई है।

दूसरे जिलों में नई दरें

गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर नगर निगम वाले जिलों में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,189.68 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों की 14,507.46 रुपये और कुशल श्रमिकों की 16,250.86 रुपये निर्धारित की गई है।

प्रदेश के अन्य जिलों में अकुशल श्रमिकों को कम से कम 12,530.25 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों को 13,782.30 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,438.42 रुपये मासिक मजदूरी मिलेगी।

नियोक्ताओं को नई दरों के अनुसार भुगतान करना होगा

श्रम विभाग ने संबंधित नियोक्ताओं और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को नई दरों के अनुसार न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्रमिकों की कुशलता की श्रेणी और उनके कार्यक्षेत्र के आधार पर लागू दर तय होगी।

इस संशोधन से श्रमिकों को महंगाई के बीच कुछ अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलेगी।

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