दिल्ली, 26 अक्टूबर 2026: विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन की एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली प्रस्तावित विशाल रैली को लेकर व्यापारियों ने फिर से चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को विस्तृत पत्र लिखकर रैली को दीवाली के बाद किसी तारीख पर टालने की अपील की है।
व्यापारियों का कहना है कि दीवाली की खरीदारी का सीजन चल रहा है। अगर 31 अक्टूबर से ही बैरिकेडिंग शुरू हुई और सड़कें बंद हुईं तो व्यापार को भारी नुकसान होगा।
सीटीआई ने अनुमान जताया है कि इस रैली से पुरानी दिल्ली के बाजारों में कारोबार पूरी तरह ठप पड़ सकता है। और व्यापारियों को करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर महज तीन से चार हजार लोगों के प्रदर्शन में सेंट्रल दिल्ली के बंद होने से व्यापारियों को दो हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
सीटीआई के अनुसार इस रैली में करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके लिए 15 हजार से 20 हजार बसें और अन्य वाहन दिल्ली पहुंच सकते हैं। इससे रामलीला मैदान के आसपास के इलाकों में भारी जाम की आशंका है।
रामलीला मैदान चारों तरफ चांदनी चौक भागीरथ पैलेस खारी बावली सदर बाजार चावरी बाजार कश्मीरी गेट नबी करीम और करोल बाग जैसे बड़े थोक और खुदरा बाजारों से घिरा हुआ है। हर रास्ता इन बाजारों से होकर गुजरता है।