चंडीगढ़, 17 अक्टूबर 2026: नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे परमिंदर झोटा की हत्या को आज पांचवां दिन हो गया है। इसी बीच शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह धनौला पीड़ित परिवार के साथ मिलने पहुंचे। इस दौरान एसजीपीसी अध्यक्ष और जत्थेदार ने सरकारी अस्पताल मानसा में हमले के दौरान घायल हुए दोनों व्यक्तियों से भी मुलाकात की।
परिवार के साथ बातचीत करते हुए एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने परमिंदर सिंह को सिख कौम का शहीद बताया। उन्होंने कहा कि परमिंदर सिंह की तस्वीर सिख म्यूजियम में लगाई जाएगी। इसके साथ ही घायल हुए दोनों व्यक्तियों के इलाज के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये और अन्य खर्चों के लिए भी ढाई-ढाई लाख रुपये देने का ऐलान किया।
हरजिंदर सिंह धामी ने परिवार को आर्थिक सहायता देने की पेशकश करते हुए बच्चों के नाम दस लाख रुपये की एफडी करवाने की बात भी कही। हालांकि परिवार ने यह सहायता लेने से इनकार कर दिया। परमिंदर के पिता ने कहा कि उनके बेटे ने पहले ही परिवार को हिदायत दी थी कि किसी से भी कोई आर्थिक मदद नहीं लेनी है।
एसजीपीसी अध्यक्ष ने परमिंदर सिंह की कुर्बानी को बड़ी शहादत बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज के हित में अपनी जान गंवाई है। उनकी कुर्बानी नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे लोगों को इस मुहिम में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परमिंदर का परिवार जब भी आवाज देगा एसजीपीसी हर संभव मदद के लिए उनके साथ खड़ी होगी।
नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परमिंदर झोटा की मंगलवार को मानसा में हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया।
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