चंडीगढ़, 31 अगस्त 2026: पंजाब के विभिन्न सरकारी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में रक्षा बंधन मनाया गया, जहां परिवारों ने अपने उन प्रियजनों के साथ समय बिताया जो नशे की समस्या से उबरने के लिए उपचार और नशामुक्ति की प्रक्रिया से गुज़र रहे हैं।
भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत आयोजित इन समारोहों ने भाई-बहन के बीच प्रेम और सहयोग के संदेश को मज़बूत किया। साथ ही, उपचार ले रहे लोगों को नशामुक्ति के प्रति प्रतिबद्ध रहने, अपने प्रियजनों के पास लौटने और एक स्वस्थ एवं सार्थक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
परिवारों के साथ-साथ, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और पंजाब के सूरमाओं, यानी ऐसे पीयर एंबेसेडरों, जिन्होंने स्वयं नशे की लत से बाहर निकलकर नशामुक्त जीवन अपनाया है और अब इसी राह पर आगे बढ़ रहे अन्य लोगों को प्रेरित करते हैं, ने भी इन कार्यक्रमों में भाग लिया।
गुरदासपुर स्थित ज़िला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में सूरमा पंकज महाजन, जो स्वयं नशे की लत से उबर चुके हैं, ने मरीज़ों और उनके परिवारों से बातचीत की तथा अपनी व्यक्तिगत यात्रा साझा करते हुए उपचार ले रहे मरीज़ों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “हम ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत आप सभी का हौसला बढ़ाने के लिए यहाँ आए हैं। सरकार आपकी मदद के लिए बहुत बड़ी भूमिका निभा रही है और हम भी आपको सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए यहाँ हैं। मैं स्वयं नशे की लत से गुज़र चुका हूँ और अपने अनुभव से कह सकता हूँ कि इससे बाहर निकला जा सकता है। मैं अब पिछले 10 वर्षों से नशामुक्त हूँ और चाहता हूँ कि आप भी इसी राह पर चलें। रक्षा बंधन के अवसर पर हमारी बहनें भी आपके इस प्रयास में आपका साथ देने के लिए यहाँ मौजूद हैं। आइए, उनसे यह वादा करें कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।”
विभिन्न केंद्रों में पत्र-लेखन और रचनात्मक कला से जुड़ी गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से मरीज़ों को अपनी भावनाएँ व्यक्त करने, परिवारों से जुड़ने और अपनी नशामुक्ति की यात्रा पर आत्ममंथन करने का अवसर मिला।
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