चंडीगढ़, 16 सितंबर 2026: भारतीय वायुसेना के 21 सितंबर से सात अक्तूबर तक प्रस्तावित बड़े युद्धाभ्यास की तैयारी से पाकिस्तान की धड़कन बढ़ गई है। पश्चिमी सीमा पर प्रस्तावित अभ्यास के बीच पाकिस्तानी सेना और वायुसेना ने एलओसी से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक अपनी गतिविधि तेज कर दी हैं। लड़ाकू विमानों की गश्त बढ़ाने के साथ अतिरिक्त सैनिकों को अग्रिम इलाकों में भेजा है। सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के अनुसार पाकिस्तान ने एलओसी के करीब आतंकी ढांचे को भी सक्रिय करना शुरू कर दिया है। पुराने आतंकी मॉड्यूल से जुड़े लोगों को अग्रिम चौकियों के आसपास तैनात किया जा रहा है।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की निगरानी में एलओसी के संवेदनशील इलाकों में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। हाल के दिनों में लीपा घाटी और पुंछ के सामने स्थित नीलम घाटी में संदिग्ध गतिविधियां बढ़ी हैं। इन इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों की मौजूदगी के भी इनपुट मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान एक तरफ एलओसी और आईबी पर सैन्य गतिविधियां बढ़ाकर ध्यान खींचने की कोशिश कर सकता है।
वहीं दूसरी तरफ फायरिंग की आड़ में प्रशिक्षित आतंकियों के छोटे समूहों को भारतीय सीमा में दाखिल कराने का प्रयास कर सकता है। इसीलिए एलओसी के नजदीक पुराने आतंकी मॉड्यूल को दोबारा सक्रिय किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर भारतीय सुरक्षा बलों ने एलओसी पर निगरानी और एंटी इन्फिल्ट्रेशन ग्रिड को मजबूत किया है।
भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच द्विपक्षीय अभ्यास युद्धाभ्यास-2026 के 22वें संस्करण का उद्घाटन समारोह मंगलवार को उत्तराखंड की औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित हुआ। इस अभ्यास में दोनों देशों की ओर से 600-600 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। यह अभ्यास एक साथ उत्तराखंड के औली और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया जा रहा है।
उत्तराखंड के औली में 14 इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अमरेश गुंजन और अमेरिकी सेना की 11वीं एयरबोर्न डिवीजन की पहली इन्फैंट्री ब्रिगेड कॉम्बैट टीम के कमांडर कर्नल बेंजामिन जैकमैन ने सैन्य टुकड़ियों को संबोधित किया। दोनों कमांडरों ने आपसी सैन्य तालमेल मजबूत करने पर जोर दिया। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी इस अभ्यास के मुख्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं।
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