बिहार में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, सांसद सुधाकर सिंह हिरासत में लिए गए

by Priya

नवादा, 26 अक्टूबर 2026: बिहार के नवादा जिले में गंगाजल परियोजना के दूसरे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण और धान की तैयार फसल को नुकसान पहुंचने के आरोपों के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसान ट्रैक्टरों के काफिले के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह और कुछ अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

ट्रैक्टरों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे किसान

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, मोतनाजे और मधुबन गांव के किसानों ने जमीन अधिग्रहण और फसल के नुकसान को लेकर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखने के लिए मार्च निकाला। पुलिस ने आईटीआई मैदान के पास ट्रैक्टरों को रोक दिया। इसके बाद किसानों ने पैदल मार्च किया और धरने पर बैठ गए।

किसानों का आरोप है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया से उनकी आजीविका प्रभावित होगी और खेतों में तैयार धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने फसल क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की।

सांसद सुधाकर सिंह को भी हिरासत में लिया गया

प्रदर्शन के दौरान सांसद सुधाकर सिंह, पूर्व विधायक मोहम्मद कामरान और किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया। संयुक्त किसान मोर्चा के अनुसार, उन्हें शाम करीब 6:30 बजे अकबरपुर थाने से रिहा कर दिया गया।

सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें हिरासत में लेने का कानूनी आधार नहीं बताया गया। उन्होंने मामले में लोकसभा अध्यक्ष और बिहार सरकार के अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की। किसान मोर्चा ने पुलिस पर बल प्रयोग और प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

करीब 1,000 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का विरोध

यह विवाद गंगाजल परियोजना के दूसरे चरण से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, मोतनाजे और मधुबन गांवों में परियोजना के लिए करीब 1,000 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा रही है।

किसान फसल के नुकसान का मुआवजा, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रभावित परिवारों के हितों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जा सकता है।

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