दिल्ली, 11 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत मंडपम पहुंच चुके हैं। दोनों की मीटिंग शुरू हो गई है। बैठक में रक्षा सहयोग पर चर्चा अहम रहने की उम्मीद है।
रूस भारत में एसयू-57 फाइटर जेट बनाने और इससे जुड़ी जरूरी तकनीक साझा करने की पेशकश कर रहा है। इस पर दोनों देशों के बीच समझौता हो सकता है। एसयू-57 एक एडवांस स्टेल्थ फाइटर जेट है जिसे रडार पर पकड़ना मुश्किल होता है।
यह दूसरे देश की सीमा में घुसकर एयरस्ट्राइक करने में गेमचेंजर साबित हो सकता है। पुतिन गुरुवार देर रात दिल्ली पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर विदेश राज्य मंत्री केवी सिंह ने उनका स्वागत किया था।
मोदी-पुतिन की बातचीत में एस-400 की बाकी खेप और एडवांस ब्रह्मोस-एनजी जैसे रक्षा सहयोग के मुद्दों पर भी चर्चा संभव है। इसके अलावा 2030 तक दोनों देशों का कारोबार 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर बात हो सकती है।
रूस के साथ उद्योग रेलवे स्टील और टनलिंग में सहयोग बढ़ाने भारतीय कंपनियों को रूसी बाजार में ज्यादा मौके देने और परमाणु ऊर्जा क्रिटिकल मिनरल्स कुशल कामगारों व उर्वरक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा संभव है।
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