चंडीगढ़, 01 अगस्त 2026: संगरूर से आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद मीत हेयर ने केंद्र की BJP सरकार पर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी का गला घोंटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद में जनहित के मुद्दों पर दिए गए उनके भाषण को भारत में इंस्टाग्राम पर बैन करना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि BJP सरकार आलोचना से पूरी तरह डरी हुई है।
उन्होंने कहा कि लगभग 15 लाख वोटरों द्वारा चुने गए सांसद के संसद में दिए गए भाषण को सोशल मीडिया से हटाना या भारत में उस पर रोक लगाना लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के जनादेश का अपमान है। अगर संसद में कही गई बात भी लोगों तक नहीं पहुँचने दी जाएगी, तो इससे बड़ी तानाशाही और क्या हो सकती है? मीत हेयर ने कहा कि संसद में NEET परीक्षा से जुड़े बिल पर चर्चा के दौरान उन्होंने BJP सरकार की नीतियों और पिछले 12 सालों में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी थी।
उन्होंने कहा कि देश भर में NEET परीक्षार्थियों का हालिया आंदोलन सिर्फ़ परीक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि यह देश के युवाओं की एकता और उनके अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बन गया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के दबाव में सरकार को अपने मंत्री का इस्तीफ़ा स्वीकार करना पड़ा, लेकिन सरकार को मंत्री के इस्तीफ़े का दुख नहीं है; सबसे दुखद बात यह है कि पहली बार देश के युवा धर्म, जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर शिक्षा और भविष्य के मुद्दे पर एकजुट हुए।
उन्होंने कहा कि जब वे आंदोलन वाली जगह पर पहुँचे, तो सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समेत सभी धर्मों के युवा एक ही मंच पर बैठे थे। सभी देशभक्ति के गीत गा रहे थे और ‘इंकलाब ज़िंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे। यह एकता BJP को सबसे ज़्यादा परेशान कर रही है, क्योंकि पिछले 12 सालों से BJP ने ‘गोदी मीडिया’ और ‘WhatsApp यूनिवर्सिटी’ के ज़रिए धर्म और जाति के नाम पर लोगों को बाँटने का राजनीतिक नैरेटिव बनाया है। लेकिन युवाओं के इस आंदोलन ने उस पूरे नैरेटिव को खत्म कर दिया और BJP की बाँटने वाली राजनीति को बेनकाब कर दिया।
मीत हेयर ने आरोप लगाया कि BJP नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और अन्य राज्यों में होने वाले चुनावों में शिक्षा, बेरोज़गारी, महँगाई और युवाओं के भविष्य पर चर्चा हो। BJP चाहती है कि चुनाव सिर्फ़ हिंदू-मुस्लिम और धार्मिक ध्रुवीकरण के मुद्दों पर लड़े जाएँ, क्योंकि असली मुद्दों पर जनता को जवाब देने के लिए उसके पास कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी BJP हिंदू-सिख के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश कर रही है, लेकिन देश और पंजाब के युवा अब जाग चुके हैं और BJP की राजनीति को समझ गए हैं।
सांसद मीत हेयर ने शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार करने के बजाय दिखावे के लिए फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में परीक्षा के प्रश्न-पत्रों को लाने-ले जाने के लिए वायु सेना का इस्तेमाल नहीं किया जाता, जबकि भारत में ऐसे फैसलों को उपलब्धियों के तौर पर पेश किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की बात करती है, जबकि शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित देशों की शिक्षा प्रणाली से सीखने की जरूरत है, न कि उन देशों की कतार में खड़ा होना चाहिए जहां लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हैं और अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक है।
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