चंडीगढ़, 04 नवंबर 2026: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने निर्वाचन आयोग के फॉर्म-6 पर नवीनतम स्पष्टीकरण की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे शब्दों का खेल बताते हुए कहा कि इससे कुछ भी स्पष्ट नहीं होता। रमेश ने कहा कि इस बयान से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया का खराब डिजाइन उजागर होता है।
मंगलवार को कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि निर्वाचन आयोग नुकसान के भरपाई की भरसक कोशिश में लगा है लेकिन आयोग का ऐसा हर प्रयास एसआईआर अभ्यास की खामियों को ही उजागर करता है। रमेश ने जोर देकर कहा कि फॉर्म-6 आवेदकों से स्पष्ट रूप से पूछता है कि क्या वे पहली बार मतदाता सूची में शामिल होने के लिए आवेदन कर रहे हैं।
जयराम रमेश के अनुसार ईसीआई का यह स्पष्टीकरण कि एसआईआर के दौरान दोबारा शामिल होने वाले मतदाताओं को भी पहली बार के आवेदक माना जा सकता है एक भ्रामक शब्दों का खेल है। इसका उद्देश्य एक त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया को छिपाना है जो मतदाताओं को गलत घोषणा करने के लिए मजबूर करती है। रमेश ने आरोप लगाया कि मतदाताओं से ऐसी घोषणा पर हस्ताक्षर कराने के बाद आयोग अब उन्हें कानूनी परिणामों से बचाने की पेशकश कर रहा है।
रमेश ने कहा कि यह दर्शाता है कि पूरी एसआईआर प्रक्रिया पर खराब तरीके से विचार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर को बहिष्करण के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह पहले मतदाताओं को हटाता है और फिर उन्हें नए मतदाताओं के रूप में दोबारा शामिल होने के लिए आवेदन करने को कहता है। उन्होंने कहा कि कोई भी क्षति नियंत्रण इस मौलिक रूप से त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया को ठीक नहीं कर सकता।
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