चंडीगढ़, 30 अक्टूबर 2026: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों को सुनिश्चित कैरियर प्रगति का लाभ देने में हो रही देरी पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा विभाग में एसीपी के लंबित मामलों पर हरियाणा सरकार की ओर से दाखिल जवाब को कोर्ट ने टालमटोल वाला और असंतोषजनक करार दिया है।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने हरियाणा सरकार के प्रधान सचिव को निर्देश दिया है कि वह शिक्षा विभाग के तीनों निदेशालयों प्रारंभिक माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा में लंबित पड़े सभी एसीपी मामलों का पूरा ब्योरा जुटाएं। और हर केस में हुई देरी का ठोस कारण बताएं।
हाईकोर्ट ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले आदेश तक निर्देशों के अनुपालन में सही हलफनामा दाखिल नहीं किया गया तो याचिकाकर्ता को 50 हजार रुपए का हर्जाना दिया जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह हर्जाना सरकारी खजाने से नहीं बल्कि देरी और लापरवाही के लिए जिम्मेदार संबंधित अधिकारी के वेतन से वसूला जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर 2026 को होगी।
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