नई दिल्ली, 24 मार्च: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नागरिकता के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्रालय को चार सप्ताह का समय दिया है, यह निर्णय एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम है। मंत्रालय ने अपना जवाब देने के लिए आठ सप्ताह का समय मांगा था, जो कि 21 अप्रैल तक का होता, लेकिन कोर्ट ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया।
राहुल गांधी, जो 2004 से लोकसभा सांसद हैं और वर्तमान में विपक्ष के नेता के रूप में कार्यरत हैं, उनकी नागरिकता का सवाल लंबे समय से विवाद का विषय रहा है।
यह नवीनतम मामला कर्नाटक के एक निजी व्यक्ति की याचिका से उत्पन्न हुआ है, जिसमें दावा किया गया है कि राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता है, जिसके आधार पर उन्हें भारत में सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है।
इस मामले में अगले चार सप्ताह में गृह मंत्रालय का निर्णय महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह राहुल गांधी के राजनीतिक करियर और व्यापक रूप से भारतीय राजनीति पर प्रभाव डाल सकता है।
कोर्ट का यह कदम दर्शाता है कि वह इस मुद्दे को जल्दी हल करने के लिए गंभीर है। आगे की जानकारी के लिए मंत्रालय के जवाब का इंतजार करना होगा।
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