Ankur Warikoo ने बताईं करियर में आगे बढ़ने की 3 स्किल्स, AI के दौर में रहेंगी अहम

by Priya

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच नौकरी और करियर में अपनी उपयोगिता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे समय में उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर Ankur Warikoo ने तीन ऐसी स्किल्स का जिक्र किया है, जिन्हें एक साथ विकसित करने से प्रोफेशनल्स अपने काम में अलग पहचान बना सकते हैं।

Indian Express की 31 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, Warikoo ने इन स्किल्स को एक एंकर स्किल, एक उससे जुड़ी दूसरी स्किल और एक क्रिएटिव एम्प्लीफायर के रूप में समझाया है।

1. Anchor Skill: अपनी मुख्य विशेषज्ञता मजबूत करें

पहली स्किल वह है जिसमें किसी व्यक्ति की सबसे ज्यादा पकड़ हो। यह उसकी मुख्य प्रोफेशनल पहचान बनाती है।

उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति मार्केटिंग में काम करता है तो उसकी एंकर स्किल डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांड स्ट्रैटेजी या SEO हो सकती है। केवल सामान्य जानकारी रखने के बजाय इस क्षेत्र में गहरी समझ विकसित करना जरूरी है।

2. Adjacent Skill: अपनी मुख्य स्किल से जुड़ी दूसरी क्षमता सीखें

दूसरी स्किल आपकी मुख्य विशेषज्ञता को और उपयोगी बनाती है। यह जरूरी नहीं कि बिल्कुल अलग क्षेत्र की हो। इसका उद्देश्य आपके काम का दायरा बढ़ाना है।

उदाहरण के तौर पर, मार्केटिंग प्रोफेशनल के लिए डेटा एनालिटिक्स, कॉपीराइटिंग या कंज्यूमर बिहेवियर की समझ उपयोगी हो सकती है। इन क्षमताओं के मेल से व्यक्ति केवल काम पूरा करने के बजाय बेहतर रणनीति भी बना सकता है।

3. Creative Amplifier: रचनात्मक सोच को बढ़ावा दें

तीसरी स्किल वह है जो आपकी बाकी क्षमताओं को नए तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करती है। इसमें रचनात्मक सोच, समस्याओं को अलग नजरिए से देखना और नए समाधान तैयार करना शामिल है।

AI के दौर में यह क्षमता खास मायने रखती है, क्योंकि तकनीक कई दोहराए जाने वाले काम कर सकती है, लेकिन सही सवाल पूछना, संदर्भ समझना और नए विचार विकसित करना भी महत्वपूर्ण है।

केवल एक स्किल पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं

रिपोर्ट में विशेषज्ञ जितिन थापर ने भी अपनी अलग पहचान बनाने और लंबे समय तक करियर में उपयोगी बने रहने के लिए अपनी क्षमताओं को पहचानने पर जोर दिया है।

इसका मतलब यह है कि प्रोफेशनल्स को केवल अपने मौजूदा काम तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें अपनी मुख्य विशेषज्ञता के साथ उससे जुड़ी दूसरी क्षमताएं और रचनात्मक सोच भी विकसित करनी चाहिए।

AI के दौर में करियर की तैयारी का मतलब केवल नए टूल सीखना नहीं, बल्कि ऐसी स्किल्स का संयोजन तैयार करना है जो व्यक्ति को बदलते वर्कप्लेस में प्रासंगिक बनाए रखे।

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