चंडीगढ़, 19 जून 2026: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में AAP पंजाब के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को पंजाब के DGP से मुलाकात की। यह मुलाकात पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की छवि खराब करने और राज्य में शांति-व्यवस्था बिगाड़ने के मकसद से बनाए गए एक फर्जी वीडियो के मामले में की गई थी।
प्रतिनिधिमंडल ने DGP को दो अहम रिपोर्ट सौंपीं और उन शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने यह फर्जी वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर फैलाया। इस प्रतिनिधिमंडल में AAP पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा, राज्य मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता विशेष रूप से मौजूद थे।
DGP से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला बोला।
चीमा ने कहा कि 3 करोड़ पंजाबियों द्वारा चुनी गई लोकप्रिय सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान की साफ-सुथरी छवि से अकाली दल पूरी तरह हताश हो गया है। अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए अकाली दल अब इस हद तक गिर गया है कि वह मुख्यमंत्री का फर्जी और छेड़छाड़ किया हुआ वीडियो बनाकर उन्हें बदनाम करने की गहरी साजिश रच रहा है। AAP नेता ने चेतावनी दी कि ऐसी घिनौनी हरकतें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
अकाली दल के इतिहास को काले अक्षरों में लिखा हुआ बताते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अकाली दल का इतिहास हमेशा पंजाब-विरोधी और पंथ-विरोधी रहा है। जब भी अकाली दल सत्ता में आता है, पंजाब को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि 1986 और 2015 की दोनों घटनाएं अकाली दल की सरकारों के दौरान ही हुई थीं। उन्होंने कहा कि 1986 में नकोदर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के बाद जब संगत ने इंसाफ की मांग की, तो 4 युवाओं की जान चली गई।
उन्होंने कहा कि इसी तरह 2015 में भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के बाद विरोध प्रदर्शनों के दौरान 2 युवाओं की मौत हो गई थी। ये दोनों घटनाएं साजिश, सच को दबाने की कोशिश और जवाबदेही की मांग करने वालों के साथ हुए अन्याय का प्रतीक थीं। ये घटनाएं अकाली दल के असली चेहरे और पंजाब व पंथ के साथ बार-बार किए गए धोखे को उजागर करती हैं।
‘AAP’ नेता ने याद दिलाया कि 1986 में, जब अकाली दल सत्ता में था, नकोदर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का अपमान हुआ था और जब संगत ने न्याय की मांग की, तो पांच सिख युवकों को गोलियां मारकर जला दिया गया था। इस घटना का खुलासा सबसे पहले आम आदमी पार्टी के नेताओं ने पंजाब विधानसभा में किया था।
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