Black Sea में सीमित सीजफायर की कोशिश तेज, भारत और तुर्किये के प्रस्तावों पर विचार कर रहा अमेरिका

by Priya

अटलांटा, 31 अक्टूबर 2026। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर Black Sea में सीमित सीजफायर की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रस्ताव को लेकर दिलचस्पी बढ़ रही है। अमेरिका, तुर्किये और भारत की ओर से सामने आए प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है।

इस संभावित समझौते का उद्देश्य Black Sea में अनाज और ऊर्जा की खेप ले जाने वाले जहाजों को हमलों से सुरक्षित रखना है। हालांकि, यह युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने वाला समझौता नहीं होगा।

भारत और तुर्किये के प्रस्तावों पर चर्चा

रुबियो ने अटलांटा में G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका Black Sea में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित बनाने के लिए तुर्किये और भारत के प्रस्तावों पर विचार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच व्यापक शांति समझौते की कोशिशें जारी रहेंगी, लेकिन फिलहाल समुद्री मार्गों पर हमले रोकने जैसे सीमित समझौते से भी कुछ राहत मिल सकती है।

खाद्य और ऊर्जा आपूर्ति पर असर की चिंता

Black Sea दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। रूस और यूक्रेन दोनों से अनाज और ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति के लिए इस क्षेत्र की अहम भूमिका है।

समुद्री जहाजों पर हमलों का असर अंतरराष्ट्रीय खाद्य आपूर्ति, ऊर्जा सुरक्षा, परिवहन और व्यापार पर पड़ सकता है। रुबियो ने भी कहा कि इस मुद्दे का संबंध वैश्विक खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति से है।

कनाडा ने भी सीमित सीजफायर का समर्थन किया

कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद ने बताया कि उन्होंने यूक्रेन और भारत के प्रतिनिधियों के साथ Black Sea में सीमित सीजफायर तथा यूक्रेन के बिजली और ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने के प्रस्ताव पर बातचीत की है।

उनके मुताबिक, सर्दियों से पहले यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा और खाद्य आपूर्ति शृंखला को बनाए रखना जरूरी है। भारत और मिस्र जैसे देश भी अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

रूस की सहमति अभी स्पष्ट नहीं

रुबियो ने कहा कि रूस के साथ बातचीत किए बिना युद्ध का कूटनीतिक समाधान निकालना मुश्किल है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि व्यापक शांति समझौता फिलहाल तुरंत होने की स्थिति में नहीं दिख रहा है।

कनाडा की विदेश मंत्री के अनुसार, रूस ने अभी तक Black Sea में सीमित सीजफायर के प्रस्ताव पर आगे बढ़ने की इच्छा नहीं दिखाई है।

G20 विदेश मंत्रियों की बैठक भी रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के संघर्ष जैसे मुद्दों पर मतभेद के बीच बिना संयुक्त बयान के समाप्त हुई।

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