चंडीगढ़, 23 अक्टूबर 2026: पंजाब सरकार ने अपनी प्रमुख मुहिम ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के तहत राज्य के 40 कॉलेजों में ‘संगत’ मानसिक स्वास्थ्य क्लब शुरू किए हैं, इस पहल का उद्देश्य युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने को प्रोत्साहित करना और नशीले पदार्थों के सेवन की रोकथाम में मदद करना है। डिपार्टमेंट ऑफ़ हायर एजुकेशन द्वारा आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट (ABET) के सहयोग से शुरू की गई इस पहल के माध्यम से कॉलेज परिसरों में ऐसा सहयोगपूर्ण वातावरण तैयार किया जाएगा, जहाँ विद्यार्थी भावनात्मक परेशानी के संकेतों को पहचान सकें, उचित सहायता प्राप्त कर सकें और बिना किसी झिझक या सामाजिक कलंक के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा कर सकें।
क्लबों के शुभारंभ के दौरान, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने क्लब के प्रतिभागियों से बातचीत की और युवाओं को सशक्त बनाने में शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर चर्चा की। इस दौरान नशे से जुड़े मामलों में सामाजिक झिझक और कलंक को कम करने, युवाओं को सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करने तथा नशीले पदार्थों के सेवन की समस्या से निपटने के लिए शिक्षण संस्थानों, परिवारों और साथियों के बीच सहयोग के महत्त्व पर ज़ोर दिया गया।
मोहाली स्थित प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में आयोजित शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि ‘संगत’ जागरूकता, साथियों के सहयोग और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और नशे की समस्या से निपटने के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा, “महान योद्धाओं में से एक अर्जुन को भी मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जबकि भगवान श्रीकृष्ण उनके साथ थे। यह हमें याद दिलाता है कि युवाओं को भी सही मार्गदर्शन और मार्गदर्शकों की आवश्यकता होती है। नशा करना गर्व की बात नहीं है; बल्कि गलत संगत में पड़ चुके किसी व्यक्ति को सही रास्ते पर वापस लाने में मदद करना गर्व की बात है। ‘संगत’ की परिकल्पना युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए की गई है, ताकि साथियों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिले, मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो और युवा अपने लिए स्वस्थ विकल्प चुन सकें।”
आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट और एमपावर (Mpower) की संस्थापक एवं अध्यक्ष नीरजा बिरला ने युवाओं में भावनात्मक परेशानी, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और नशीले पदार्थों के सेवन के बीच संबंधों से निपटने के लिए निरंतर निवारक प्रयासों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “आज युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियाँ केवल नशीले पदार्थों के सेवन तक सीमित नहीं हैं। भावनात्मक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बढ़ती चिंताओं के कारण समय रहते हस्तक्षेप करना पहले से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण हो गया है। एमपावर में कोप (COPE) के माध्यम से किए जा रहे कार्यों के दौरान हमने देखा है कि भावनात्मक परेशानी, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी अनुपचारित समस्याएँ और नशीले पदार्थों का सेवन एक-दूसरे से जुड़े हो सकते हैं, यह स्थिति निरंतर और निवारक प्रयासों की आवश्यकता को दर्शाती है।”
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