चंडीगढ़, 23 अक्टूबर 2026: छात्र संगठन एआईएसए की अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने नेहा बोरा की याचिका को खारिज कर दिया।
नेहा बोरा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दिल्ली पुलिस के उस नोटिस को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का बॉन्ड भरने को कहा गया था। याचिका खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि उसने मजिस्ट्रेट के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं।
गुरुवार को जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने नेहा बोरा के वकील और पुलिस की दलीलें करीब तीन घंटे तक सुनीं। इसके बाद याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था। दिल्ली पुलिस ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि यह मेंटेनेबल नहीं है। शुक्रवार शाम को फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
नेहा बोरा को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 के तहत 17 अक्टूबर को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में कहा गया था कि वह 19 अक्टूबर को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश हों और कारण बताएं कि जांच की अवधि के दौरान शांति बनाए रखने के लिए उनसे 10 हजार रुपये का निजी बॉन्ड और एक जमानतदार क्यों न लिया जाए। इसके बाद नेहा बोरा ने इस नोटिस को हाई कोर्ट में चुनौती दी और इसे रद्द करने के साथ पुलिस को कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।
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