मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, नौ लोगों की मौत और कई घरों में आगजनी की खबर

by Priya
UKNA

इंफाल, 10 अक्टूबर 2026: मणिपुर में एक बार फिर हिंसा बढ़ने से राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता गहरा गई है। शनिवार को कामजोंग, उखरुल और आसपास के इलाकों में अलग-अलग घटनाओं में नौ लोगों की मौत की खबर सामने आई। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान हुई हिंसा में एक महिला और नेपाली समुदाय के एक व्यक्ति सहित नौ लोगों की जान गई। कम से कम 14 घरों में आग लगाए जाने की भी सूचना मिली।

कामजोंग जिले के चासाद इलाके में गोलीबारी और आगजनी की घटनाओं ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया। उखरुल जिले के याओलेन के पास भी एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत की खबर आई। वहीं, कामजोंग जिले के निंगचौ गांव में दो नागा ग्रामीणों की हत्या की सूचना मिली। शुरुआती रिपोर्टों में इन घटनाओं के पीछे शामिल लोगों की पहचान और सभी घटनाओं के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी।

हिंसा के बाद स्थानीय प्रशासन ने चासाद पुलिस गेट जंक्शन के आसपास प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए। आदेश के तहत निर्धारित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने और हथियार लेकर चलने पर रोक लगाई गई। प्रशासन का उद्देश्य भीड़ जुटने, संभावित झड़पों और आगे की हिंसा को रोकना था। इसी बीच, कुकी समुदाय से जुड़े संगठन ने कांगपोकपी जिले में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को इससे छूट दी गई।

मणिपुर में अलग-अलग समुदायों के बीच तनाव पहले भी सुरक्षा और सामान्य जनजीवन को प्रभावित करता रहा है। हाल की घटनाओं ने नागरिकों की सुरक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी और अवैध हथियारों की समस्या को लेकर सवाल फिर खड़े किए हैं। हालांकि, किसी भी घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही की जानी चाहिए।

फिलहाल प्राथमिकता हिंसा को रोकना, घायलों और प्रभावित परिवारों की मदद करना तथा लोगों को सुरक्षित रखना है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में सुरक्षा बलों की कार्रवाई, शांति स्थापित करने के प्रयास और प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करने के कदम अहम होंगे।

यह भी देखें: दिल्ली में कल भी जारी रहेगा CJP का प्रदर्शन, दिल्ली में 30 हजार से ज्यादा जवान तैनात

You may also like