बीजिंग/ब्रसेल्स, 10 अक्टूबर 2026: चीन और यूरोपीय संघ ने इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों के व्यापार को लेकर जारी तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत के बाद यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोश शेफचोविच ने कहा कि चीन ने यूरोप को भेजी जाने वाली कुछ श्रेणियों की कारों के निर्यात को नियंत्रित और संतुलित करने पर सहमति जताई है।
यह समझ ऐसे समय बनी है जब यूरोपीय संघ और चीन के बीच व्यापार घाटे, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और सरकारी सहायता को लेकर मतभेद बने हुए हैं। यूरोप में कई वाहन निर्माता चीनी कंपनियों की कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों से प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं। यूरोपीय संघ ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर व्यापारिक कार्रवाई की दिशा में कदम उठाए थे, जबकि चीन ने यूरोपीय उत्पादों और व्यापार नीतियों को लेकर अपनी आपत्तियां जताई थीं।
यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त के अनुसार, इस समझ से आने वाले चार वर्षों में चीन से यूरोप आने वाली हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड कारों के निर्यात में आधे से अधिक की संभावित कमी हो सकती है। यह एक अनुमान है, अंतिम नतीजा नहीं। वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों पक्ष इस समझ को किस तरह लागू करते हैं और आगे के व्यापारिक नियम क्या तय होते हैं।
बातचीत का एक अन्य अहम मुद्दा रेयर अर्थ खनिजों और स्थायी चुंबकों की आपूर्ति रहा। इन सामग्रियों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई औद्योगिक उत्पादों में होता है। चीन ने यूरोपीय संघ के लिए इन जरूरी सामग्रियों के निर्यात लाइसेंस की मंजूरी जारी रखने में मदद करने की प्रतिबद्धता जताई। इससे यूरोपीय कंपनियों को आपूर्ति संबंधी अनिश्चितता कम होने की उम्मीद हो सकती है।
यूरोपीय वाहन उद्योग के प्रतिनिधियों ने इस समझ को व्यापारिक तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। फिर भी, दोनों पक्षों के बीच मतभेद पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं। यूरोपीय संघ चीन के साथ व्यापार संतुलन सुधारना चाहता है, जबकि चीन अपने निर्यात और उद्योगों के लिए बाजार तक पहुंच बनाए रखना चाहता है।
इस घटनाक्रम का असर केवल चीन और यूरोप तक सीमित नहीं रह सकता। इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ा है, इसलिए निर्यात नियमों, खनिजों की उपलब्धता और व्यापारिक शुल्कों में बदलाव का असर दूसरे बाजारों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल यह समझ अंतिम समाधान नहीं, बल्कि आगे की बातचीत के लिए एक शुरुआती कदम है।
यह भी देखें: ट्रंप-पुतिन के डीजल समझौते से बढ़ा विवाद, यूक्रेन ने जताई नाराजगी