पंजाब की शिक्षा क्रांति: सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए 21 लाख अभिभावकों ने मान सरकार से मिलाया हाथ

by Manu
शिक्षा क्रांति

चंडीगढ़, 10 अक्टूबर 2026: पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ के तहत राज्य के सभी 23 जिलों के 19,200 सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाने और उनमें व्यापक सुधार लाने के लिए भगवंत मान सरकार 21 लाख अभिभावकों के साथ मिलकर काम कर रही है। मेगा अभिभावक-शिक्षक मिलन समारोह (पीटीएम) में बड़ी संख्या में अभिभावकों की भागीदारी सरकार के उस प्रयास को दर्शाती है, जिसके माध्यम से अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा में सीधे तौर पर शामिल किया जा रहा है और शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की ‘नंबर वन’ स्थिति को और मजबूत किया जा रहा है।

सीखने के परिणामों में सुधार लाने और परिवारों के साथ मिलकर काम करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए भगवंत मान सरकार का उद्देश्य स्कूली शिक्षा में नए मानक स्थापित करना और एक ऐसे ‘रंगले पंजाब’ का निर्माण करना है, जहां हर बच्चे को सफल होने का समान अवसर मिले।

राज्यभर के स्कूलों में आयोजित इन बैठकों में कैबिनेट मंत्रियों और ‘आप’ विधायकों ने भाग लिया, जबकि विभागीय अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने और इस प्रक्रिया की निगरानी करने के लिए लगभग 2,000 स्कूलों का दौरा किया।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मेगा पीटीएम में बड़ी संख्या में भाग लेने और सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास व्यक्त करने के लिए अभिभावकों का धन्यवाद किया। उन्होंने इस राज्यव्यापी पहल को सफल बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को भी बधाई दी।

शिक्षा मंत्री ने कहा, “भगवंत मान सरकार चाहती है कि अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदार बनें। हम सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने, बच्चों को आगे बढ़ने में मदद करने और उनका भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए अभिभावकों तथा शिक्षकों के साथ मिलकर काम करेंगे। हमारा लक्ष्य पंजाब के सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाना और प्रत्येक बच्चे के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करना है।”

उन्होंने कहा, “मेगा पीटीएम पंजाब सरकार की एक अनूठी पहल है, जिसका उद्देश्य हमारे बच्चों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों को एक मंच पर लाना है। हम चाहते हैं कि अभिभावक समझें कि उनके बच्चे किस प्रकार प्रगति कर रहे हैं और वे शिक्षकों के साथ मिलकर अपने बच्चों को और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करें। हमारा साझा लक्ष्य एक ऐसे ‘रंगले पंजाब’ का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और सफल होने का समान अवसर प्राप्त हो।”

21 लाख अभिभावक भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति में हुए शामिल

‘हर दिन, एक कदम आगे’ विषय के तहत आयोजित इस मेगा पीटीएम के दौरान अभिभावकों को शिक्षकों से बातचीत करने, अपने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड देखने तथा उनकी शैक्षणिक प्रगति, उपस्थिति और सुधार की आवश्यकता वाले पहलुओं पर चर्चा करने का अवसर मिला। शिक्षकों ने अभिभावकों को ऐसे व्यावहारिक सुझाव भी दिए, जिनकी मदद से वे घर पर अपने बच्चों की पढ़ाई में सहयोग कर सकते हैं।

यह पहल शिक्षा सुधारों में अभिभावकों को सक्रिय भागीदार बनाने के प्रति भगवंत मान सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती है। परिवारों और शिक्षकों को एक मंच पर लाकर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि स्कूलों में किए जा रहे सुधारों से बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले और उनकी शैक्षणिक नींव मजबूत हो।

इन बैठकों के माध्यम से अभिभावकों को स्कूल शिक्षा विभाग की विद्यार्थी-केंद्रित पहलों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, स्कूलों के विकास में सहयोग देने के लिए स्कूल प्रबंधन कमेटीयों के योगदान को भी मान्यता दी गई।

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