इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन बच्चों की हत्या के आरोप में फांसी की सजा पाई मां को किया बरी, फैसला पलटा

by Manu
इलाहाबाद हाईकोर्ट

औरैया, 24 सितंबर 2026: तीन बच्चों को गंगा नदी में डुबोकर मारने के मामले में फांसी की सजा पाई मां प्रियंका और सह आरोपित प्रेमी आशीष उर्फ डैनी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरी कर दिया।

हाईकोर्ट ने बाल गवाह सोनू को गवाही से खारिज किया। उसके बयान आठ दिन बाद दर्ज किए जाने महत्वपूर्ण गवाह प्रधान को अदालत में पेश न करने और विवेचना की गंभीर खामियों के आधार पर सत्र न्यायालय का फैसला रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका।

मामला 27 जून 2024 का है। सदर कोतवाली क्षेत्र के ताल्हेपुर गांव के पास सेंगुर नदी के पुल के नीचे प्रियंका के तीन बच्चों माधव आदित्य व मंगल के शव मिले थे। प्रधान जितेंद्र भूषण की सूचना पर पुलिस पहुंची थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया था। उसी दिन शाम 6:44 बजे मृत बच्चों के चाचा मनोज ने प्रियंका और आशीष उर्फ डैनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

आरोप था कि प्रियंका ने आशीष के साथ मिलकर अपने बच्चों को नदी में डुबोने की साजिश रची। तीन बच्चों की मौत हो गई जबकि सबसे बड़ा बेटा सोनू बच गया। अभियोजन ने सोनू को घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए उसकी गवाही को मुकदमे का प्रमुख आधार बनाया था।

ये भी देखे: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता वाली याचिका खारिज की

You may also like