Lucknow, 17 September 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत सहायकों के मासिक मानदेय में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। इसके बाद पंचायत सहायकों को मिलने वाला मासिक मानदेय Rs 6,000 से बढ़कर Rs 9,000 हो जाएगा।
यह फैसला उस समय सामने आया जब हजारों पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लखनऊ में विरोध प्रदर्शन किया था। रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में 57 हजार से अधिक पंचायत सहायक इस व्यवस्था से जुड़े हैं।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि सरकार ने पंचायत सहायकों की मांगों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ चर्चा के बाद निर्णय लिया। मानदेय बढ़ाने के अलावा सरकार ने कई अन्य मांगों को स्वीकार करने की जानकारी दी।
इनमें महिला पंचायत सहायकों के लिए मातृत्व अवकाश और पंचायत सहायकों तथा उनके परिवारों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा शामिल है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए कुछ मामलों को वापस लेने और आंदोलन के दौरान हटाए गए सहायकों की पुनर्बहाली की बात भी कही गई है।
सरकार ने भुगतान व्यवस्था में भी बदलाव की बात कही है। आगे पंचायत सहायकों का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में Direct Benefit Transfer यानी DBT के माध्यम से करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि पंचायत सचिवों को पंचायत सहायकों को हटाने का अधिकार नहीं होगा। ऐसी कार्रवाई के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली समिति के स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
पंचायत सहायक ग्रामीण प्रशासन और स्थानीय स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े काम में भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सेवा शर्तों और भुगतान व्यवस्था में बदलाव का असर ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कामकाज पर भी पड़ सकता है।
सरकार की घोषणाओं के बाद पंचायत सहायकों का विरोध समाप्त होने की जानकारी सामने आई है। अब आगे देखना होगा कि बढ़े हुए मानदेय और अन्य सुविधाओं को लागू करने की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है।
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