बिना किसी कटौती के पंजाब ने पूरी की 17,423 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक बिजली मांग – तरुनप्रीत सिंह सौंद

by Manu
तरुनप्रीत सिंह सौंद

चंडीगढ़, 15 सितंबर 2026: पंजाब ने बिना किसी बिजली कटौती के अब तक की अपनी सर्वाधिक 17,423 मेगावाट बिजली मांग पूरी की है। इसके साथ ही आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि यह उपलब्धि इस वर्ष बिजली की मांग में हुए भारी उछाल के बीच हासिल की गई है और यह राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता तथा मांग को पूरा करने की तैयारियों को दर्शाती है।

लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, “कल 13 सितंबर सुबह 7 बजे से अब तक पंजाब में बिजली की कमी के कारण कोई भी बिजली कट नहीं लगाया गया है। इसके साथ ही चार प्रमुख क्षेत्रों आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और कृषि को लगातार 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।”

धान के मौजूदा सीजन के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब कृषि प्रधान राज्य है और हमारे किसान हमेशा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहे हैं तथा आगे भी रहेंगे। धान के सीजन के दौरान हाल ही में दो निजी थर्मल प्लांटों में तकनीकी खराबी आ गई थी। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की पूरी इन-हाउस टीम ने दिन-रात मेहनत करके इन प्लांटों को दोबारा चालू किया।”

पहले हुए बिजली व्यवधान की भरपाई के लिए लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने निर्देश दिए हैं कि 2 से 3 घंटे की बिजली कटौती की भरपाई के लिए पंजाब सरकार कल से किसानों को दो घंटे अतिरिक्त बिजली आपूर्ति कर रही है।

उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि का महत्व इस वर्ष बिजली की मांग में हुए भारी इजाफे से स्पष्ट होता है। उन्होंने कहा, “पिछले वर्षों में सितंबर महीने के दौरान बिजली की मांग लगभग 13,100 मेगावाट रहती थी, लेकिन इस वर्ष यह मांग बढ़कर 16,600 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसका अर्थ है कि बिजली की मांग में लगभग 3,500 मेगावाट की अतिरिक्त वृद्धि हुई। इस अतिरिक्त मांग के बावजूद पीएसपीसीएल ने इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया, जो पंजाब सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।”

मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने पीएसपीसीएल की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि टीम ने आम लोगों की बिजली संबंधी शिकायतों का भी सफलतापूर्वक समाधान किया। उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों के दौरान उन्हें उद्योगपतियों और किसान संगठनों की ओर से व्यक्तिगत रूप से फोन भी आए।

हालिया बिजली संकट के कारणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने तीन दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया था कि यह संकट कुछ हद तक केंद्र सरकार द्वारा कोयले की आपूर्ति में कटौती और कुछ हद तक केंद्र द्वारा पंजाब के हिस्से की लगभग 1,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध न करवाने के कारण पैदा हुआ था।”

उन्होंने बिजली विभाग के कर्मचारियों की 24 घंटे काम करने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने लगातार काम करते हुए थर्मल प्लांटों में आई तकनीकी खराबियों को दूर किया और उन्हें दोबारा चालू किया।

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