Patna, 15 September: बिहार में बाढ़ की स्थिति मंगलवार को भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 49.67 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर और नदियों के उफान ने कई इलाकों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है।
बाढ़ से प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया और पूर्णिया समेत कई इलाके शामिल हैं। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की जरूरत बढ़ गई है।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार की एक टीम के 16 सितंबर को बिहार पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने की संभावना है। इस दौरे का उद्देश्य नुकसान, राहत की जरूरत और राज्य के लिए संभावित केंद्रीय सहायता का आकलन करना होगा।
बाढ़ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रभावित लोगों के प्रति चिंता जताते हुए सरकार से राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने की अपील की है।
बिहार में इस साल की बाढ़ की एक खास बात यह भी है कि राज्य में सामान्य से कम बारिश होने के बावजूद बड़े पैमाने पर बाढ़ की स्थिति बनी है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका संबंध नदियों के जलप्रवाह, गंगा के ऊंचे जलस्तर, पड़ोसी क्षेत्रों से आने वाले पानी और बिहार की भौगोलिक परिस्थितियों से भी है।
अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के साथ-साथ बाढ़ का पानी कम होने के बाद स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं को बहाल करना है।