पंजाब में बाढ़ राहत और आपदा प्रबंधन, राहत, मुआवज़ा और रोकथाम पर सरकार की बहुस्तरीय रणनीति

by Manu
cm mann flood relief

बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने विभिन्न स्तरों पर राहत अभियान संचालित किए है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ से राज्य के 2,300 से अधिक गांव प्रभावित हुए और कुल आर्थिक नुकसान लगभग ₹12,905 करोड़ आंका गया। बड़ी संख्या में किसानों की फसलें नष्ट हुईं, जबकि हजारों परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए।

बाढ़ के दौरान पंजाब पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें, जिला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया।

सरकार के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित किए गए, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया तथा भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। जिन क्षेत्रों तक सड़क या नाव के माध्यम से पहुंचना संभव नहीं था, वहां आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया गया।

इन अभियानों के तहत राशन, पीने का पानी, दवाइयां, बच्चों के लिए दूध, बुजुर्गों की आवश्यक दवाएं, महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड तथा अन्य आवश्यक सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई गई।

सरकार ने बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए फसल नुकसान के आधार पर मुआवज़े की व्यवस्था की।

सरकारी प्रावधानों के अनुसार, जिन किसानों की फसल को 26 से 75 प्रतिशत तक नुकसान हुआ, उन्हें ₹10,000 प्रति एकड़ की सहायता दी गई। जिन किसानों की फसल को 76 से 100 प्रतिशत तक नुकसान हुआ, उन्हें ₹20,000 प्रति एकड़ का मुआवज़ा प्रदान किया गया।

नवंबर 2025 में राज्य सरकार ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त घरों वाले परिवारों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की।

सरकारी जानकारी के अनुसार, 30,000 से अधिक प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा देने की पहल की गई। जिन परिवारों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, उन्हें ₹1.20 लाख की सहायता प्रदान की गई। सरकार के अनुसार, बाढ़ के दौरान पूरे राज्य में लगभग 30,000 मकान विभिन्न स्तरों पर प्रभावित हुए थे।

राहत वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए पंजाब सरकार ने डिजिटल बाढ़ राहत प्रणाली शुरू की है। इस प्रणाली के तहत जियो-टैग आधारित सर्वेक्षण, रियल-टाइम मॉनिटरिंग तथा लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से राहत राशि भेजने की व्यवस्था की गई है।

पंजाब के जल संसाधन एवं जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल के अनुसार, मानसून से पहले बाढ़ रोकथाम कार्यों के लिए ₹146 करोड़ जारी किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने बाढ़ नियंत्रण संबंधी परियोजनाओं पर लगभग ₹600 करोड़ खर्च करने की योजना बनाई है। सरकार का लक्ष्य है कि मानसून शुरू होने से पहले सभी प्रमुख बाढ़ रोकथाम कार्य 30 जून तक पूरे कर लिए जाएं।

राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के सभी जिलों को संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने हेतु ₹100 करोड़ की अग्रिम राशि जारी की गई है।

You may also like