चंडीगढ़, 10 अगस्त 2026: संसद के मानसून सत्र के आखिरी चार दिनों में परिसीमन विधेयक पर दोबारा दांव लगाने के लिए संख्या बल जुटाने की राजग की राजनीतिक पेशबंदी के बीच फिलहाल ‘तटस्थ’ द्रमुक के 22 लोकसभा सदस्यों की भूमिका सबसे निर्णायक हो गई है।
तृणमूल कांग्रेस व शिवसेना (यूबीटी) में टूट के बाद राजग और विपक्षी गठबंधन इंडिया के वर्तमान संख्या बल को देखते हुए परिसीमन की नैया को सदन में पार कराने की पतवार इस समय लगभग द्रमुक के हाथ है। हालांकि विपक्ष के लिए शरद पवार की एनसीपी-एसपी का इंडिया के साथ बने रहना भी उतना ही जरूरी है।
द्रमुक तथा एनसीपी-एसपी को लगातार टटोलते रहने के राजग सरकार के प्रयासों के बीच मानसून सत्र के बाकी दिन विपक्ष के लिए अपनी एकजुटता बनाए रखने के लिहाज से सबसे निर्णायक और चुनौतीपूर्ण हैं।
परिसीमन विधेयक पर संख्या जुटाने को लेकर पर्दे के पीछे जारी सरगर्मियों के बीच द्रमुक ने अपने रुझान का कोई स्पष्ट संकेत अभी तक नहीं दिया है।
यही वजह है कि सरकार ने परिसीमन विधेयक को लोकसभा या राज्यसभा की सोमवार की कार्यसूची में शामिल नहीं किया है। हालांकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू महिला आरक्षण लागू करने की दलील देकर परिसीमन के मुद्दे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से लेकर विपक्षी खेमे के तमाम दलों पर दबाव बनाने की कोशिशों में लगातार जुटे हैं।
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