पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों को जल्द सहायता उपलब्ध कराने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने सड़क सुरक्षा फोर्स का गठन किया। पिछले दो वर्षों में यह फोर्स राज्य के प्रमुख राजमार्गों और लिंक सड़कों पर सड़क दुर्घटनाओं के दौरान आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय रहा है।
पंजाब सरकार के आंकड़ों के अनुसार, सड़क सुरक्षा फोर्स ने पिछले दो वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में घायल 47,000 से अधिक लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई है। इस दौरान राज्य में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर में 50.12 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट घायल व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सड़क सुरक्षा फोर्स को दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद जल्द से जल्द घटनास्थल पर पहुंचने की व्यवस्था की गई है। सरकार के अनुसार, SSF की टीमें औसतन 6 से 10 मिनट के भीतर दुर्घटनास्थल पर पहुंचती हैं।
सड़क सुरक्षा फोर्स में लगभग 1,597 विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मी तैनात हैं। फोर्स को 144 आधुनिक वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें 116 टोयोटा हिलक्स और 28 स्कॉर्पियो वाहन शामिल हैं।
इन वाहनों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद से दुर्घटनास्थल पर प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने, घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और जरूरत के अनुसार आपातकालीन सहायता देने का काम किया जाता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के अनुसार, सड़क सुरक्षा फोर्स को पंजाब के लगभग 5,500 किलोमीटर लंबे उन राजमार्गों पर तैनात किया गया है, जहां सड़क दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। इसके अलावा सुरक्षा फोर्स की टीमें लिंक सड़कों को भी कवर करती हैं।
सड़क नेटवर्क पर सुरक्षा फोर्स की तैनाती इस तरह की गई है कि लगभग हर 30 किलोमीटर के दायरे में एक टीम उपलब्ध रहे। किसी सड़क दुर्घटना या आपात स्थिति की सूचना टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 112 पर दे सकते है।
सड़क सुरक्षा फोर्स की टीमें 24 घंटे काम करती हैं और राज्य की सड़कों पर प्रतिदिन लगभग 15,000 किलोमीटर की गश्त करती हैं। एसएसएफ केवल दुर्घटना के बाद सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। ये यातायात नियमों को लागू करने और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए भी काम करता है।
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