पटना, 10 जुलाई 2026: श्रावणी मेला 2026 के आयोजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के सभागार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत और स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि की उपस्थित में श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्रावणी मेला से जुड़े 14 जिलों के सिविल सर्जन ने मेले की तैयारियों के संबन्ध में विस्तरित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेला के दौरान प्रयाप्त स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था की गई है, जिसमें चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा दवा और एंबुलेंस सहित एंटी रैबीज एवं स्नैक वेनम की समुचित व्यवस्था रहेगी।
बैठक में मेला के दौरान निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा की सुविधा हेतु टोल फ्री नं. 102 तथा स्वास्थ्य संबंधी सहायता एवं जानकारी हेतु टोल फ्री नं. 104 उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य संस्थानों में आपातकालीन चिकित्सा सहायता व्यवस्था को दुरूस्त रखने के निर्देश दिये गये, ताकि शिविर से रेफरल मरीजों को त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही शिविर में स्थानीय स्तर पर सभी स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था करने पर बल दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
स्वास्थ्य मंत्री ने मेला के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हो इसका खास ध्यान रखने का निर्देश दिया। वहीं, श्रद्धालुओं को मेले के दौरान गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग द्वारा सभी संबंधित जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने, अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों की स्थापना, चिकित्सकीय मानव संसाधन की उपलब्धता तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने मेला के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए मेला में दुकान लगाने वाले वेंडरों को प्रशिक्षित करने तथा श्रद्धालुओं को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने बांका, भागलपुर, जमुई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, सारण, वैशाली, दरभंगा, पूर्वी चम्पारण, जहानाबाद, लखीसराय, मधुबनी, समस्तीपुर एवं सिवान सहित श्रावणी मेला से जुड़े सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों का विस्तृत प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराएं। साथ ही सुल्तानगंज-देवघर कांवरिया पथ एवं राज्य के अन्य प्रमुख मेला क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विभागीय निर्देशों के अनुसार कांवरिया मार्ग एवं प्रमुख मेला क्षेत्रों में प्रत्येक दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर अस्थायी स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके। इन शिविरों में चिकित्सक, एएनएम, पारा मेडिकल कर्मी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे। साथ ही प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाओं, बेड, ऑक्सीजन एवं चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस (ALSA) एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस (BLSA) की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। सभी जिलों को अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों की संख्या, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता, दवाओं के भंडारण तथा एम्बुलेंस सेवाओं से संबंधित अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने एवं विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से सर्पदंश, जलजनित रोगों एवं अन्य आपातकालीन स्थितियों के उपचार हेतु आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इसके तहत एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) तथा एंटी स्नेक वेनम सीरम (ASVS) का पर्याप्त भंडारण रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
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