अमृतसर, 10 जुलाई 2026: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने फिल्म ‘सतलुज’ पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में गुरुवार को विशाल रोष मार्च निकाला। यह फिल्म भाई जसवंत सिंह खालड़ा की शहादत और सिखों के साथ हुई कथित ज्यादतियों पर आधारित है। मार्च का नेतृत्व SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने किया।
मार्च गोल्डन टेंपल परिसर स्थित सूचना केंद्र से शुरू होकर डिप्टी कमिश्नर कार्यालय की ओर बढ़ा। इसमें SGPC सदस्यों, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। लोग हाथों में बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े।
डीसी कार्यालय पहुंचने पर जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम संबोधित मांगपत्र सौंपा जाएगा। एडवोकेट धामी ने बताया कि रोष मार्च के बाद 14 जुलाई को सतलुज नदी के किनारे अरदास भी की जाएगी।
धामी ने कहा कि भाई जसवंत सिंह खालड़ा ने पंजाब के उस कठिन दौर की सच्चाई उजागर करने की कोशिश की थी, जिसके लिए उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। फिल्म सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के बाद ‘सतलुज’ नाम से तैयार हुई थी, लेकिन अब इसके प्रदर्शन पर भी रोक लगा दी गई है।
उन्होंने कहा कि 1995 का दौर देखने वाले ही उस समय की परिस्थितियों को समझ सकते हैं, जबकि नई पीढ़ी उस इतिहास से अनजान है। उन्होंने मांग की कि फिल्म पर लगी रोक तुरंत हटाई जाए ताकि लोग उस दौर की वास्तविकता से परिचित हो सकें।