सहकारिता सप्ताह के पहले दिन PACS एवं सहकारी संस्थाओं के सशक्तिकरण पर हुआ मंथन

by Manu
सहकारिता सप्ताह

पटना, 30 जून 2026: भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय गठन के पाँच वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित “सहकारिता सप्ताह” के प्रथम दिवस सहकारिता विभाग, बिहार सरकार एवं BBSSL “नवीन राष्ट्रीय सहकारी नीति के माध्यम से PACS एवं जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं का सशक्तिकरण” विषय पर उद्घाटन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने किया। इस अवसर पर मंत्री ने राज्य की 10 सहकारी समितियों को भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) की सदस्यता प्रमाण-पत्र सांकेतिक रूप से प्रदान किए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन सहकारिता की भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को साकार करने के लिए स्थापित सहकारिता मंत्रालय ने पिछले पाँच वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस, PACS कंप्यूटरीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र तथा डिजिटल बैंकिंग जैसी पहलों से सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ी है तथा किसानों तक सेवाओं की पहुँच अधिक प्रभावी हुई है।

विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और वर्ष 2047 तक राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र सबसे बड़ी ताकत बनेंगे।

उन्होंने कहा कि अब PACS को केवल धान एवं गेहूँ की अधिप्राप्ति तथा ऋण वितरण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उत्पादन, भंडारण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन, मूल्य संवर्धन एवं निर्यात की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। खेती में विविधीकरण एवं बहुउद्देशीय PACS की अवधारणा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी।

मंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि सहकारिता उन्हें “जॉब सीकर” नहीं बल्कि “जॉब क्रिएटर” बनाएगी। आधुनिक तकनीक, नवाचार, डिजिटलीकरण, पारदर्शिता एवं सुशासन को अपनाकर सहकारी संस्थाओं को आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा।

भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि संस्था किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर बीज उत्पादन एवं विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बिहार की 7,157 सहकारी समितियाँ BBSSL की सदस्य बन चुकी हैं, जिससे राज्य में “बीज से बाजार” तक सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

राज्य के सभी 8,463 PACS मॉडल उपविधि अपनाकर बहुउद्देशीय PACS के रूप में कार्यरत हैं। प्रथम चरण में 4,477 PACS का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है तथा शेष का कार्य प्रगति पर है। राज्य में 6,381 PACS में कॉमन सर्विस सेंटर, 1,726 PACS को प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र, 32 PACS में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, 2,430 PACS को उर्वरक अनुज्ञप्ति तथा 100 PACS आधारित किसान उत्पादक संगठन (FPO) स्थापित किए जा चुके हैं।

इसके अतिरिक्त 13,370 डेयरी सहकारी समितियों का गठन किया गया है तथा सात निश्चय-3 के अंतर्गत राज्य के सभी गाँवों तक डेयरी सहकारिता का विस्तार किया जा रहा है।

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