बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को मिलेगी गति, मेडिकल कॉलेजों के लिए देशभर के निवेशक आए साथ

by Manu
बिहार स्वास्थ्य

पटना, 18 जून 2026: बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार के लिए लगातार पहल कर रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों के संचालन को लेकर बुधवार को पटना में एक महत्वपूर्ण हितधारक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि का स्वागत अमित पाण्डेय, प्रबंध निदेशक, बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) द्वारा पौधपात्र देकर किया गया।

बैठक में बिहार सहित देश एवं विदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, केरल, उत्तर प्रदेश तथा देश के विभिन्न राज्यों से आए 80 से अधिक संस्थानों, निवेशकों, स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने बिहार सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए राज्य में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में साझेदारी की अपार संभावनाओं पर सकारात्मक विचार व्यक्त किए।

वहीं बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है तथा पीपीपी मॉडल के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के संचालन को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों और संस्थानों को बेहतर आधारभूत संरचना, पारदर्शी प्रक्रियाएं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा सिंगल विंडो क्लियरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने सभी हितधारकों को बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास में डेवलपमेंट पार्टनर के रूप में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ समन्वय स्थापित कर इस महत्वाकांक्षी पहल को सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने कहा कि ग्रीनफील्ड परियोजना के अंतर्गत 17 जिलों में नए स्वीकृत मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को पीपीपी मोड़ में संचालित किए जाने पर विचार किया जा रहा है। इन संस्थानों के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में लगभग 20 से 25 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार पीपीपी मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों के संचालन की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों से लिखित सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं, जिनका अध्ययन कर परियोजना को और बेहतर बनाया जाएगा। सचिव ने स्पष्ट किया कि संस्थानों का चयन पूरी तरह पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत ग्रीनफील्ड श्रेणी में 17 तथा ब्राउनफील्ड श्रेणी में 16 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों का संचालन किया जाना प्रस्तावित है, जिससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को नई गति मिलेगी।

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