चंडीगढ़, 06 मार्च 2026: पंजाब के वित्त, आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब राजस्व विकास में शानदार उपलब्धियों के लिए देश के शीर्ष तीन राज्यों में उभरा है। हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब की वित्तीय सेहत में आए इस निर्णायक बदलाव को उजागर करने के लिए विस्तृत आंकड़े पेश किए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘पंजाब के अपने कर राजस्व में भारी वृद्धि हुई है, जो कि 2021-22 में कुल राज्य घरेलू उत्पाद (जी.एस.डी.पी.) का 6.39 प्रतिशत यानी 37,327 करोड़ रुपये था, वह बढ़कर 2024-25 में 57,919 करोड़ रुपये हो गया है, जो कि कुल राज्य घरेलू उत्पाद का 7.15 प्रतिशत बनता है।’
आबकारी प्राप्ति के आंकड़े पेश करते हुए आबकारी और कर मंत्री ने बताया कि आबकारी राजस्व में चार वर्षों से भी कम समय में 86.77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, ‘अकाली-भाजपा सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान कुल आबकारी प्राप्ति 20,545 करोड़ रुपये थी, जिसकी वार्षिक औसत 4,109 करोड़ रुपये थी।
बाद में कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों में 27,395 करोड़ रुपये इकट्ठे किए, जिसकी वार्षिक औसत 5,479 करोड़ रुपये रही। इसके बिल्कुल विपरीत, ‘आप’ सरकार ने जनवरी 2026 तक ही 37,975 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त कर लिया है, जो कि वार्षिक 9,907 करोड़ रुपये की शानदार औसत दर्शाता है।
इसके अलावा, कांग्रेस सरकार के समय 2021-22 में आबकारी राजस्व 6,157 करोड़ रुपये था, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके 11,500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। राज्य के कुल राज्य घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में, आबकारी राजस्व 2021-22 के 1.05 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 1.28 प्रतिशत हो गया है।’
जी.एस.टी. प्रणाली के तहत कार्यप्रदर्शन को उजागर करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जी.एस.टी. प्राप्ति में भी ऐसी ही सफलता दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, ‘पिछली कांग्रेस सरकार जी.एस.टी. मुआवजे पर बहुत अधिक निर्भर थी और टैक्स दायरे को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने में असफल रही। उनकी पांच वर्षों की कुल प्राप्ति 61,286 करोड़ रुपये थी, जिसकी वार्षिक औसत 12,257 करोड़ बनती है।’
उन्होंने आगे कहा, “आप सरकार द्वारा जनवरी 2026 तक 83,739 करोड़ रुपये प्राप्त किए गए हैं, जिससे वार्षिक औसत बढ़कर 21,845 करोड़ रुपये हो गई है। राज्य जी.एस.टी. राजस्व, जो कि 2021-22 में 15,542 करोड़ रुपये था, 2025-26 में 26,500 करोड़ को पार करने का अनुमान है। जी.एस.टी. 2.0 के तहत तर्कसंगत होने के बावजूद, राज्य ने अपने जी.एस.टी. राजस्व में 70.50 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की है।’
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