हैदराबाद, 28 दिसंबर 2025: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भारत और बांग्लादेश में हो रही हिंसा की घटनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब किसी देश में बहुसंख्यक राजनीति कानून के शासन पर हावी हो जाती है तो लिंचिंग जैसी घटनाएं सामने आती हैं। ऐसी हर घटना की हर स्तर पर कड़ी निंदा होनी चाहिए।
ओवैसी ने कहा कि भारत में हो रही घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुस्लिम मजदूर जूल शेख का उदाहरण दिया। ओडिशा के संबलपुर में उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसके अलावा उत्तराखंड में एमबीए की पढ़ाई कर रहे आदिवासी छात्र एंजेल चकमा के साथ हुई मारपीट का जिक्र करते हुए कहा कि हमले के बाद उनकी मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि ये घटनाएं इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि जब कानून का राज कमजोर पड़ता है और राजनीति मानवाधिकारों पर हावी हो जाती है तो समाज में हिंसा बढ़ती है। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि ऐसी सभी घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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