नई दिल्ली, 18 जून 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 18 जून 2025 को 35 मिनट की फोन कॉल पर हुई बातचीत में ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान संबंधों पर विस्तृत चर्चा हुई। यह कॉल G7 समिट के दौरान कनाडा में होने वाली नियोजित मुलाकात रद्द होने के बाद हुई, क्योंकि ट्रंप को इजरायल-ईरान तनाव के कारण जल्दी अमेरिका लौटना पड़ा। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि यह 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों नेताओं की पहली बातचीत थी, जिसमें ट्रंप ने शोक संवेदना व्यक्त की थी और आतंकवाद के खिलाफ भारत को समर्थन दिया था।
आतंकवाद अब प्रॉक्सी युद्ध नहीं, बल्कि एक सीधी जंग – पीएम मोदी
मोदी ने ट्रंप को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बताया, जिसे 6-7 मई 2025 को शुरू किया गया था। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान और PoK में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के नौ ठिकानों को निशाना बनाया, जो पहलगाम हमले की योजना से जुड़े थे। मोदी ने स्पष्ट किया कि ये हमले “सटीक, मापा हुआ और गैर-आक्रामक” थे, और पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद को प्रॉक्सी युद्ध नहीं, बल्कि युद्ध का कार्य मानता है, और ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है।
भारत कभी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की और न ही करेगा
मोदी ने ट्रंप को बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को युद्धविराम की बातचीत दोनों देशों की सेनाओं के मौजूदा चैनलों के माध्यम से हुई थी, जो पाकिस्तान के आग्रह पर थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ने कभी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की और न ही भविष्य में करेगा, इस मुद्दे पर भारत में पूर्ण राजनीतिक सहमति है। ट्रंप की ओर से बार-बार दावे किए गए कि उन्होंने मध्यस्थता की थी, लेकिन भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज किया।

पीएम मोदी ने ट्रंप से कहा पाकिस्तान के गोली का जवाब गोले से देंगे
मोदी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की ओर से कोई भी आक्रामकता होने पर भारत और सख्त जवाब देगा, “पाकिस्तान की गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा।” बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कोई चर्चा नहीं हुई। मोदी ने ट्रंप को भारत आने का न्योता दिया, जिसे ट्रंप ने उत्साह के साथ स्वीकार किया, हालांकि उन्होंने QUAD समिट में भागीदारी की पुष्टि नहीं की। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में QUAD की रणनीतिक महत्ता और इजरायल-ईरान तनाव पर भी चर्चा की।
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