नई दिल्ली, 3 अप्रैल : कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की प्रमुख सोनिया गांधी ने बृहस्पतिवार को सरकार पर वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा में मनमाने ढंग से पारित कराने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि यह विधेयक संविधान पर सरेआम हमला है। बता दें कि कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की प्रमुख सोनिया गांधी ने बृहस्पतिवार को सरकार पर वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा में मनमाने ढंग से पारित कराने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि यह विधेयक संविधान पर सरेआम हमला है तथा यह समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने संसद भवन परिसर में सीपीपी की बैठक में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ संबंधी विधेयक, मनरेगा, संसद में गतिरोध और कई अन्य विषयों को लेकर सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे प्रहार किए।
लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय
सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘यह हमारे लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं मिल रही है। इसी तरह, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष (मल्लिकार्जुन) खरगे जी को बार-बार अनुरोध के बावजूद वह कहने की अनुमति नहीं दी जाती है जो वह कहना चाहते हैं और वास्तव में उन्हें कहना चाहिए। आपकी तरह मैं भी इसकी साक्षी रही हूं कि कैसे सदन हमारी वजह से नहीं, बल्कि खुद सत्तापक्ष के विरोध के कारण स्थगित होता है।
इसे उजागर करने की आवश्यकता
सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘हम सभी के लिए यह महत्वपूर्ण है कि जो सही और न्यायसंगत है हम उसके लिए लडऩा जारी रखें, ताकि मोदी सरकार की विफलता और भारत को एक निगरानी राज्य में बदलने की उसकी मंशा को उजागर किया जा सके। उन्होंने दावा किया, ‘‘हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री ने 2004-2014 के दौरान की गई कई पहलों की पुन – ब्रांडिंग, रीपैकेजिंग और मार्केटिंग कर उन्हें अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों के रूप में बताया है। सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘इसे भी हमारी अपनी जनसंपर्क की गतिविधियों के माध्यम से उजागर करने की आवश्यकता है।