दिल्ली, 10 सितंबर 2026: सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी और गैंगस्टर अबू सलेम की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने उम्रकैद की सजा से पहले रिहाई की मांग की थी।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले में कोई कमी नहीं मिली जिसमें सलेम की याचिका को खारिज कर दिया गया था। सलेम ने तर्क दिया था कि जेल में रहने के दौरान मिली छूट को ध्यान में रखते हुए उसने अपनी सजा के 25 साल पूरे कर लिए हैं इसलिए उसे रिहा किया जाना चाहिए।
हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा था कि उसकी 25 साल की सजा 2030 में ही पूरी होगी। सलेम ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने 27 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
उसने कोर्ट में दलील दी थी कि जेल में मिली छूट और विचाराधीन कैदी के तौर पर बिताई गई अवधि को उस 25 साल की सजा की सीमा में गिना जाना चाहिए जो भारत ने पुर्तगाल को प्रत्यर्पण के समय दिए गए आश्वासन के तहत तय की थी।
पिछली सुनवाई के दौरान सलेम की ओर से सीनियर एडवोकेट ऋषि मल्होत्रा की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने संकेत दिया था कि वह याचिका खारिज कर देगी। हालांकि कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था और पक्षों को लिखित दलीलें और सहायक फैसले दाखिल करने की अनुमति दी।
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