श्रीनगर, 26 सितंबर 2026: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली के प्रस्ताव पर जोरदार हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र शासित प्रदेश को तत्काल और पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव सदन में पेश किया। प्रस्ताव आते ही भाजपा विधायकों ने विरोध शुरू कर दिया।
सदन में तीखी नोकझोंक नारेबाजी और धक्कामुक्की शुरू हो गई। विपक्षी विधायकों ने प्रस्ताव की प्रतियां फाड़कर वेल में फेंक दीं। भाजपा के विधायकों ने प्रस्ताव की प्रतियां फाड़ दीं। वे सदन के बीचों-बीच वेल में उतर आए।
भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने वेल में एक कुर्सी उठाने की कोशिश की। विधानसभा के मार्शलों ने तुरंत उन्हें काबू किया। फिर धकेलते हुए सदन से बाहर निकाल दिया। विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने बार-बार विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की। हंगामा शांत नहीं हुआ। उन्होंने सदन की कार्यवाही पहले 30 मिनट के लिए स्थगित की। बाद में सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सुबह की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के सदस्य अपनी सीटों से खड़े हो गए। उन्होंने निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के विरोध में तीखी नारेबाजी की।
ये भी देखे: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा, खामेनेई की तस्वीर लेकर प्रदर्शन, कांग्रेस-बीजेपी में धक्का-मुक्की