यूपी में कार के दरवाजों में छिपाकर ले जा रहे थे ₹3 करोड़, DRI ने पिलखुवा में पकड़ी नकदी

by Priya

हापुड़, 18 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली जा रही एक कार से करीब 3 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद की। अधिकारियों को कार में बड़ी रकम ले जाए जाने की खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद पिलखुवा स्थित छिजारसी टोल प्लाजा के पास वाहन को रोककर तलाशी ली गई।

जांच के दौरान कार में सवार लोगों के पास मौजूद एक बैग से 35 लाख रुपये मिले। इसके बाद जब कार की बारीकी से तलाशी ली गई, तो उसके दरवाजों में विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खांचे मिले। इनमें 2.65 करोड़ रुपये छिपाकर रखे गए थे। इस तरह कुल बरामद रकम 3 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

शाहजहांपुर से दिल्ली ले जाई जा रही थी नकदी

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, DRI को सूचना मिली थी कि शाहजहांपुर से बड़ी मात्रा में नकदी दिल्ली ले जाई जा रही है। इसी जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने कार्रवाई की।

तलाशी के दौरान कार के दरवाजों में बनाए गए गुप्त खांचों से इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद जांच एजेंसी ने नकदी के स्रोत और उसे ले जाने के उद्देश्य की पड़ताल शुरू की।

रकम के वैध होने का दस्तावेज नहीं दिखा सके कार सवार

DRI के अनुसार, कार में मौजूद लोग बरामद रकम अपने पास रखने का वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। वे यह भी स्पष्ट करने के लिए जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए कि इतनी बड़ी नकदी कहां से आई थी।

इसके बाद एजेंसी ने आयकर विभाग को बरामदगी की सूचना दी। अब आयकर विभाग रकम के स्रोत और संभावित कर संबंधी अनियमितताओं की जांच करेगा। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।

चुनाव से पहले बरामदगी ने बढ़ाई हलचल

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आगामी चुनावों को देखते हुए इस बरामदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव के दौरान बेहिसाब नकदी की आवाजाही पर एजेंसियां विशेष नजर रखती हैं।

हालांकि, अभी तक उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं हुआ है कि बरामद रकम का इस्तेमाल चुनाव में किया जाना था या उसका किसी राजनीतिक दल अथवा उम्मीदवार से संबंध था। इसलिए नकदी की बरामदगी को चुनावी लेन-देन से जोड़कर देखना अभी जल्दबाजी होगी।

अब कहां से आई रकम, इसकी जांच होगी

DRI की कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि 3 करोड़ रुपये किसके थे, उन्हें किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था और रकम का वास्तविक स्रोत क्या था।

आयकर विभाग की जांच में इन सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं। फिलहाल, बरामद नकदी और उससे जुड़े लोगों के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा।

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