नई दिल्ली, 7 नवंबर : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अवैध तरीके से मकान गिराए जाने की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए सरकार को फटकार लगाई है। जानकारी के अनुसार साल 2019 में महराजगंज जिले में मकान गिराये जाने से संबंधित एक मामले पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के वकील से कहा, ‘आप ऐसा नहीं कर सकते कि बुलडोजर लेकर आएं और रातोंरात भवनों को गिरा दें। आप परिवार को घर खाली करने के लिए समय नहीं देते। घर में रखे घरेलू सामान का क्या?’ अदालत ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनते हुए कहा, ‘यह स्पष्ट है कि मकान गिराने की प्रक्रिया पूरी तरह मनमानी थी और कानून का पालन किए बिना इसे अंजाम दिया गया।’ शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार के वकील से पूछा कि किस आधार पर निर्माण को अनधिकृत बताया गया है। जब राज्य के वकील ने पीठ को सडक़ चौड़ी करने की परियोजना के बारे में बताया तो अदालत ने कहा, ‘सडक़ चौड़ी करना बस एक बहाना है। यह पूरी कवायद के लिए उचित कारण नहीं लगता।’ अदालत ने मकान मालिक को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया। साथ ही राज्य के मुख्य सचिव से मामले में जांच कराने और उचित कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने इस मामले पर सरकार को जमकर फटकार भी लगाई है।
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को लगाई फटकार
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