चंडीगढ़, 11 सितंबर 2026: पंजाब में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है। अलग-अलग जिलों से सामने आए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रखी है। जालंधर में 85 वर्षीय बुजुर्ग की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है। इसके अलावा मोगा में भी एक मरीज की मौत का मामला सामने आ चुका है। जालंधर जिले में एक मौत के साथ 13 मरीज संक्रमित मिल चुके हैं।
लुधियाना में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। यहां अब तक 35 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। हालांकि आधे से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं और जिले में अभी तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। अमृतसर में साल की शुरुआत से अब तक 25 मामले सामने आए हैं जिनमें पांच मरीज अभी सक्रिय हैं।
मालवा क्षेत्र में मोगा में छह फरीदकोट में तीन तथा बठिंडा और फाजिल्का में दो-दो संक्रमित मरीज मिले हैं। वहीं फिरोजपुर श्री मुक्तसर साहिब फतेहगढ़ साहिब कपूरथला मानसा गुरदासपुर तरनतारन बरनाला और होशियारपुर में फिलहाल कोई सक्रिय मामला नहीं है।
विशेषज्ञ डॉ. मनदीप सिंह के अनुसार स्वाइन फ्लू की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद मरीज में फ्लू जैसे लक्षण हो सकते हैं। संक्रमण की शुरुआत में वायरस की मात्रा कम होने नमूना सही समय या तरीके से न लिए जाने पर जांच निगेटिव आ सकती है।
बुखार गले में खराश खांसी और जुकाम के पीछे सामान्य फ्लू आरएसवी डेंगू या मलेरिया भी हो सकता है। इसलिए लक्षण होने पर चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है।
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