दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने एक बार फिर अपने खेल का दम दिखाते हुए भारतीय बैडमिंटन फैंस को खुश होने का मौका दिया है। शानदार फॉर्म में चल रही सिंधु ने 1 नवंबर को हाइलो ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल में उन्होंने डेनमार्क की लाइन होजमार्क कजेरफेल्ट को सीधे गेमों में हराकर इस सीजन की दूसरी ट्रॉफी अपने नाम की। इससे पहले जुलाई में उन्होंने जापान ओपन का खिताब भी जीता था।
पूर्व वर्ल्ड चैंपियन सिंधु ने फाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही अपनी प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा। दुनिया की आठवें नंबर की भारतीय खिलाड़ी ने 39 मिनट तक चले खिताबी मुकाबले में दुनिया की 25वें नंबर की डेनिश खिलाड़ी को 21-12 21-14 से शिकस्त दी। टूर्नामेंट में दूसरी वरीयता प्राप्त सिंधु ने अपनी शानदार स्ट्रोक-प्ले कोर्ट पर नियंत्रण और बेहतरीन नेट गेम के दम पर एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की।
इस जीत के साथ सिंधु को 9200 रैंकिंग पॉइंट भी मिले हैं। इससे सीजन के अंत में होने वाले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करने की उनकी उम्मीदों को मजबूती मिली है। सिंधु पिछले सप्ताह फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंची थीं जहां उन्हें उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा था। हालांकि हाइलो ओपन में उन्होंने खिताबी मुकाबले में कोई गलती नहीं की। फाइनल से पहले सिंधु का डेनमार्क की लाइन के खिलाफ रिकॉर्ड भी काफी बेहतर था। दोनों के बीच अब तक हुए मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ी ने 6 बार जीत दर्ज की थी जबकि डेनिश खिलाड़ी को केवल एक जीत मिली थी। यह इकलौती जीत लाइन ने 2025 सुदीरमन कप फाइनल्स में हासिल की थी।
खिताबी मुकाबले के पहले गेम में सिंधु ने क्रॉस कोर्ट विनर के साथ शानदार शुरुआत की। हालांकि कुछ गलतियों के कारण लाइन ने स्कोर 3-3 से बराबर कर लिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने अपनी चतुराई भरी शॉट चयन और तेज नेट प्ले से बढ़त बनानी शुरू की। ब्रेक तक सिंधु 11-8 से आगे थीं। इसके बाद उन्होंने लगातार पॉइंट जुटाते हुए स्कोर 17-12 तक पहुंचाया और पहला गेम 21-12 से अपने नाम कर लिया।
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