महंगाई के दौर में सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ता है जिनकी आय सीमित है और जिनके लिए रसोई का मासिक खर्च एक चुनौती बन चुका है। ऐसे समय में पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मेरी रसोई योजना’ केवल मुफ़्त राशन वितरण की योजना नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा सकती है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना के तहत राज्य के लगभग 40 लाख परिवारों को प्रत्येक तीन महीने में मुफ़्त राशन किट उपलब्ध कराई जा रही है। प्रत्येक किट में दाल, चीनी, नमक, हल्दी और सरसों का तेल जैसी आवश्यक खाद्य सामग्री शामिल है। यह सहायता राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले गेहूं के अतिरिक्त प्रदान की जा रही है।
राशन किट 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए वितरित किए गए है। इस अवधि के दौरान राज्य सरकार ने योजना पर 193 करोड़ रुपये खर्च किए है। हालांकि योजना का औपचारिक शुभारंभ मई में हुआ था, लेकिन सभी पात्र लाभार्थियों को दो महीने के भीतर ही पहली किट मिल गई। मान सरकार ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से समझौता न करने और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान सरकार ने किया था। प्रत्येक ब्लू कार्ड धारक परिवार को हर तिमाही में एक राशन किट मिलती है। इस योजना से लगभग 1.33 करोड़ लोगों को लाभ मिल रहा है।
मार्कफेड को योजना की नोडल एजेंसी बनाया गया है। वही, पूरे राज्य में वितरण की जिम्मेदारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग कर रही है।
यदि ‘मेरी रसोई योजना’ निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो यह पंजाब में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ लाखों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी।
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