पटना, 26 अक्टूबर 2026: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव /प्रधान सचिव / सचिव व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए, जबकि सभी 38 जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े. मुख्य सचिव ने राज्य में चल रही महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, सामाजिक अभियानों और आगामी त्योहारों की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए.
1. सड़क एवं पुलों का संयुक्त निरीक्षण और जीर्णोद्धार
पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि राज्य की सभी सड़कों और पुलों की निरंतर निगरानी व रखरखाव के लिए संयुक्त निरीक्षण अनिवार्य है. सभी कार्यपालक अभियंताओं को नोडल अधिकारी बनाया गया है. जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक डिवीजन के लिए एक अधिकारी नामित करें और 14 कार्य दिवसों के भीतर (12 नवंबर 2026 तक) संयुक्त निरीक्षण का काम पूरा कर रिपोर्ट पीएमआईएस (PMIS) पोर्टल पर अपलोड सुनिश्चित करें. दीवाली के बाद लोगों की घर वापसी को देखते हुए सड़कों, साइन बोर्डों को दुरुस्त करने तथा ‘कायाकल्प अभियान’ के तहत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए. खराब सड़कों के निरीक्षण के लिए वीडियो कैमरों का उपयोग करने और स्ट्रीट लाइट्स को पूरी तरह क्रियाशील बनाने में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने को कहा गया.
2. घरेलू पीएनजी और सीएनजी नेटवर्क का विस्तार
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार की समीक्षा की गई. मुजफ्फरपुर, पटना, वैशाली, सारण और गया जैसे प्रमुख जिलों में घरेलू पीएनजी और सीएनजी बिक्री की प्रगति का जायजा लिया गया. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिन 9 गैर-गैसयुक्त जिलों में भूमि आवंटन और पाइपलाइन बिछाने की अनुमति लंबित है, वहां प्रक्रिया को तेज किया जाए. इसके साथ ही प्रीपेड/स्मार्ट मीटर लगाने में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों और मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा गया.
3. नशा मुक्त बिहार अभियान, 2026
मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक पूरे राज्य में ‘नशा मुक्त बिहार अभियान’ चलाया जाएगा. 27 अक्टूबर को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा इस अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें सभी जिलाधिकारी वीसी के माध्यम से छात्रों और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ से जुड़कर नशा मुक्ति की शपथ लेंगे. एक महीने तक चलने वाले इस अभियान को चार थीम आधारित हफ्तों में बांटा गया है—नगर की प्रतिज्ञा, गांव का संकल्प, पर्व और परिवार (छठ घाटों पर), और युवा जोश.
4. सोशल मीडिया, मीडिया प्रबंधन और जिला प्रेस क्लब
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को सोशल मीडिया पर पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए. पंचायत स्तर तक पदनाम-आधारित अकाउंट्स (Instagram और X) बनाने और सरकारी योजनाओं के प्रचार के लिए सार्वजनिक स्थलों पर QR कोड लगाने को कहा गया. साथ ही, ‘CM Fellows’ और DPRO के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने, भ्रामक व अभद्र भाषा वाले वीडियो पर आईटी एक्ट और बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा, सभी जिलों में जिला प्रेस क्लब भवनों को लीज डीड के माध्यम से अधिकृत पदाधिकारियों को सौंपकर तुरंत क्रियाशील बनाने का आदेश दिया गया.
5. राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह और छठ महापर्व की तैयारियां
आगामी 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित होने वाले ‘राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह’ में बिहार के 22 जिलों से कुल 1100 प्रतिभागी भाग लेंगे. ये प्रतिभागी 28 अक्टूबर को पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन से विशेष आरक्षित ट्रेन द्वारा रवाना होंगे. जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे प्रतिभागियों की सुरक्षा, पहचान-पत्र, भोजन और बसों की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित करें. बैठक के अंत में आगामी ‘छठ महापर्व’ के लिए ‘जय छठी मैया’ अभियान के तहत घाटों की साफ-सफाई, सुरक्षा, सुदृढ़ीकरण और व्यापक प्रचार-प्रसार से संबंधित प्रारंभिक तैयारियां तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया गया.
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