नई दिल्ली, 08 दिसंबर 2025: संसद के शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर लोकसभा में सोमवार को विशेष बहस हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने गीत को आजादी की लड़ाई का मंत्र बताया। साथ ही कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने आरोप लगाया कि नेहरू ने मुहम्मद अली जिन्ना के विचारों का समर्थन किया।
पीएम मोदी ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ ने ब्रिटिश राज के खिलाफ देश को एकजुट किया। 1937 में मुस्लिम लीग की विरोधी राजनीति तेज हुई। लखनऊ से 15 अक्टूबर को जिन्ना ने गीत के खिलाफ नारे लगाए। इसके पांच दिन बाद नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ मुसलमानों को भड़का सकता है। इसके इस्तेमाल पर विचार करें। पीएम ने तंज कसा कि नेहरू ने मुस्लिम लीग के बयानों की निंदा करने के बजाय गीत की पड़ताल शुरू कर दी।
मोदी ने इमरजेंसी का जिक्र किया। कहा कि 1975 में जब गीत के 100 वर्ष पूरे हुए तो देश आपातकाल में था। संविधान कुचला गया। देशभक्त जेलों में थे। फिर भी ‘वंदे मातरम’ ने तानाशाही को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में संविधान के 75 वर्ष, सरदार पटेल और बिरसा मुंडा के 150वें जन्म वर्षगांठ मनाए। अब ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे हो रहे। यह गीत स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक बना। विदेशी सामान का बहिष्कार करने में मदद की।
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