पंजाबी यूनिवर्सिटी में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के 83वें सैशन के तीसरे दिन देश विदेश से पहुंचे डैलीगेटस ने पेश किए खोज पत्र

उसारू बहसों में विभिन्न एतिहासिक नुकते उभर कर सामने आए

by TheUnmuteHindi
पंजाबी यूनिवर्सिटी में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के 83वें सैशन के तीसरे दिन देश विदेश से पहुंचे डैलीगेटस ने पेश किए खोज पत्र

पंजाबी यूनिवर्सिटी में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के 83वें सैशन के तीसरे दिन देश विदेश से पहुंचे डैलीगेटस ने पेश किए खोज पत्र
– उसारू बहसों में विभिन्न एतिहासिक नुकते उभर कर सामने आए
पटियाला : पंजाबी यूनिवर्सिटी में इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के 83वें सैशन के तीसरे दिन भारत के अलग- अलग राज्यों के अलावा विदेशों से आए डेलिगेट्स ने इस कान्फ्रेंस में शिरकत करते इतिहास के अलग-अलग पक्षों पर अपने खोज पत्र पेश किए। खोज पत्रों के हवाले के साथ हुई उसारू बहसों में विभिन्न एतिहासिक नुक्ते उभर कर सामने आए।
पंजाबी यूनिवर्सिटी से इस सैशन के स्थानीय सचिव प्रो. मुहम्मद इदरिस ने जानकारी देते बताया कि इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के इस सैशन में प्राचीन भारत, मद्धकाली भारत, आधुनिक भारत, समकाली भारत, पुरातत्व विज्ञान और भारत के अलावा अन्य देशों के साथ सम्बन्धित पैनलों सकारात्मक अकादमिक चर्चाएं हुई। उन्होंने बताया कि इन पैनलों से अतिरिक्त पंजाब अतीत व वर्तमान, अलीगढ़ हिस्टोरियनज पैनल, शहरी इतिहास, दलित इतिहास पर विशेष सैशन करवाए गए, जिनमें विद्ववानों व खोजार्थियों द्वारा पेश किए गए विचारों द्वारा इतिहासय के हवाले के साथ महत्वपूर्ण बातें हुई। दूसरे दिन आईएचसी सिंपोजियम दौरान तीन प्रसिद्ध प्रवक्ताओं प्रो. सीमा बावा, प्रो. उरवी, प्रोफैसर अंजली ने विभिन्न इतिहासकार बिरतांतों व विधियों बारे महत्वपूर्ण विशलेषण किए। छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर ङ्क्षसह, बाबा फतेह ङ्क्षसह की शहादत को याद करने और भारत के पूर्व प्रधान मंत्री मरहूम डॉ. मनमोहन ङ्क्षसह के योगदान को जानने के हवाले के साथ भी इस 83वें सैंशन मेंं विशेष समय रखा था। श्रद्धांजलि समागम में शिरकत करते डॉ. अशीश अबरोल, प्रिंसिपल डायरेक्टर व इन्कम टैक्स, डॉ. मुहम्मद जमील, विधायक मालेरकोटला ने विशेष रूप में हाजिर होकर श्रद्धांजलि भेंट की।

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