मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के सिंबॉलिक पब्लिक इंपीचमेंट प्रोग्राम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि नागरिकों के वोट का अधिकार गंभीर खतरे में है। उन्होंने मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए। मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने संबोधन में सरकार के साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी जमकर हमला बोला।
खरगे के संबोधन से पहले लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार ने इसकी अध्यक्षता करते हुए कहा कि आज ये सभा सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग की कार्यवाही के लिए बुलाई गई है। देश के करोड़ों लोगों के नाम अनुचित तरीके से मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं वहीं इस बारे में सवाल पूछने पर कोई जवाबदेही तय नहीं की जाती। इसलिए इंडिया गठबंधन द्वारा तय किया गया कि एक सभा बुलाकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग लाया जाए और उन्हें पद से हटा दिया जाए। इसके बाद उन्होंने कहा कि इस जन-महाभियोग का प्रस्ताव राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सदन के सामने रखेंगे और अपना वक्तव्य देंगे।
मल्लिकार्जुन खरगे ने संबोधन की शुरुआत में सरदार पटेल और इंदिरा गांधी को याद किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि नागरिकों के वोट का अधिकार गंभीर खतरे में है। उन्होंने कहा कि वोट का अधिकार आम आदमी की सबसे बड़ी ताकत है। वोट के अधिकार से सरकार बनती है और चलती है। जनता के इस अधिकार को बचाने के लिए हमलोग संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा आज मैं देश के पहले उपप्रधानमंत्री सरदार पटेल जी की 151वीं जयंती और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। ये दोनों ही महान राष्ट्रनिर्माता स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस के अध्यक्ष रहे थे। इंदिरा गांधी जी को अपनी मृत्यु से पहले बहुत सी बातों का आभास हो चुका था। इसके बाद उन्होंने इंदिरा गांधी के कथन का उल्लेख किया।
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