खन्ना, 29 जुलाई 2026: खन्ना विधानसभा क्षेत्र के गाँव भटियन में पंजाब जल संसाधन विभाग द्वारा 70.52 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की गई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री वरिंदर कुमार गोयल और कैबिनेट मंत्री तरनप्रीत सिंह सौंद ने संयुक्त रूप से किया।
इस मौके पर वरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि खन्ना राजवाहा, बीर किशन, ललहेरी, बरधाल, कोटला और नारायणगढ़ माइनर सहित 68.32 किलोमीटर नहरों की कंक्रीट लाइनिंग का काम 50.02 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इसके अलावा, 23.40 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइनों पर 20.50 करोड़ रुपये खर्च करके, लगभग 30 गाँवों के 37 हज़ार एकड़ से ज़्यादा इलाके को नहर सिंचाई के दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बाकी कृषि क्षेत्र को भी नहर प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि साल 2022 में 21,506 एकड़ ज़मीन को नहर का पानी मिल रहा था, जो अब बढ़कर 42,079 एकड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य मकसद भूजल पर निर्भरता कम करके नहर सिंचाई को बढ़ावा देना है, जिससे पंजाब का भूजल बच रहा है और किसानों को बहुत फ़ायदा हो रहा है।
गोयल ने कहा कि राज्य सरकार ने 7,572 करोड़ रुपये खर्च करके नहर प्रणाली को मज़बूत किया है और अब पंजाब के नहर के पानी का 86 प्रतिशत हिस्सा राज्य के खेतों में इस्तेमाल हो रहा है, जबकि 2022 में यह आँकड़ा सिर्फ़ 26 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि लंबे समय के बाद पंजाब में भूजल स्तर में सुधार हुआ है, जिसका ज़िक्र केंद्रीय जल संसाधन मंत्री ने देश की संसद में भी किया है।
उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग ने बिना कोई अतिरिक्त ज़मीन लिए और बिना किसी अतिरिक्त खर्च के पंजाब की नहरों की क्षमता 12,000 क्यूसेक बढ़ाई है। अभी राज्य की 1,511 नहरों में लगभग 39,000 क्यूसेक पानी बह रहा है, जिससे किसानों को बिना रुकावट सिंचाई की सुविधा मिल रही है और पंजाब के जल संसाधनों के संरक्षण को एक नई दिशा मिली है।
कैबिनेट मंत्री तरनप्रीत सिंह सौंद ने खन्ना निर्वाचन क्षेत्र में नहर सिंचाई से जुड़ी 70.52 करोड़ रुपये की पूरी हो चुकी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए जल संसाधन मंत्री वरिंदर कुमार गोयल का धन्यवाद किया और कहा कि पंजाब में पहली बार नहर सिंचाई को इतनी अधिक प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान, राज्य के कई इलाके ‘डार्क ज़ोन’ बन गए थे और भूजल लगातार कम हो रहा था।
उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व और जल संसाधन विभाग पंजाब व जल संसाधन मंत्री वरिंदर कुमार गोयल के प्रयासों के कारण खेती के लिए नहर के पानी के इस्तेमाल में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे भूजल स्तर में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि नहर सिंचाई से बिजली की भी भारी बचत हुई है।
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