नई दिल्ली,16 जुलाई, 2025: जून 2025 में भारत में सोने की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 60% गिरकर केवल 35 टन रह गई। जानकारी के लिए आपको बतादें की यह कोविड अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड जूलर्स असोसिएशन (IBJA) का कहना है की ऊंची और अस्थिर कीमतों के चलते ग्राहक सोने की खरीद से दूरी बना रहे हैं।
डिमांड में गिरावट, प्रोडक्शन भी आधा
IBJA के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने जानकारी दी और बताया कि देश भर में कई जूलरी यूनिट्स ने उत्पादन लगभग आधा कर दिया है। छोटे कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिस्काउंट देने के बावजूद डिमांड में कोई बड़ी रिकवरी देखने को नहीं मिल रही है।
क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत ?
ट्रेड एनालिस्ट्स के अनुसार,अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा EU और मेक्सिको पर टैरिफ लगाने की धमकी से वैश्विक ट्रेड तनाव बढ़ा है। इससे निवेशकों का रुझान सोने जैसे सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें ऊपर जा रही हैं।
हॉलमार्किंग का दायरा बढ़ेगा
IBJA ने 9 कैरेट सोने की हॉलमार्किंग को लेकर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से बातचीत की है। BIS ने हॉलमार्किंग का मॉडल तैयार कर लिया है और जल्द ही इसकी मंजूरी मिल सकती है।
14 कैरेट के गहनों की ओर आकर्षित हो रहे ग्राहक
उच्च कीमतों के बीच ग्राहक अब 14 कैरेट के गहनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। 22 कैरेट के मुकाबले ये गहने सस्ते और हल्के होते हैं, जिससे बजट में फिट बैठते हैं। ऑल इंडिया जेम एंड जूलरी डोमेस्टिक काउंसिल के चेयरमैन राजेश रोकड़े का कहना है का कहना है की हल्के वजन वाले गहनों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है।
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