ना कैश, ना फरमाइश, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 866 नौजवानों को सौंपे सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र

by Manu
भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़, 09 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोहाली में 866 और नौजवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिससे सिर्फ साढ़े चार सालों में दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 69,094 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं ने पुरानी रवायतों, जब सरकारी नौकरी लेने के लिए पैसे और सिफारिश को असल योग्यता माना जाता था, को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिस्टम में नौजवानों का बढ़ता भरोसा और विदेशों की ओर पलायन का घटता रुझान इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि नौजवानों को प्रदेश में पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रियाओं के जरिए नौकरियां मिल रही हैं। शिक्षा में पंजाब की प्रगति को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश ने केरल को पीछे छोड़कर देश में पहला स्थान हासिल किया है और सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने नीट (राष्ट्रीय योग्यता-कम-प्रवेश परीक्षा) पास करके इस तबदीली पर मोहर लगाई है।

अपने एक्स हैंडल पर समारोह की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा: “आज मोहाली में 866 नौजवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे। हमारी सरकार ने अब तक पूरी पारदर्शिता के साथ 69,094 सरकारी नौकरियां दी हैं। नौजवानों का सिस्टम में विश्वास बढ़ने के साथ विदेशों की ओर पलायन का रुझान घटा है।”

उन्होंने पोस्ट के अंत में लिखा “शिक्षा क्षेत्र में आज पंजाब ने केरल को पीछे छोड़कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। नीट परीक्षा में सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों की सफलता इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है। हमारे नौजवानों में अथाह क्षमता है; हम तो सिर्फ उन्हें सही दिशा प्रदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लिखा कि हम आपको खुला आसमान प्रदान करेंगे, जहां अपने पंखों से उड़ान आपको भरनी है। सबको बधाईयां।”

नियुक्ति पत्र बांटने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन 866 नियुक्तियों में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के 636 उम्मीदवार शामिल हैं, जिनमें 614 स्टाफ नर्सेज और अन्य स्टाफ शामिल है, जिसमें 03 फार्मासिस्ट, 13 मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर (पुरुष), 2 वार्ड अटेंडेंट, 1 दर्जा-चार कर्मचारी और 3 स्वीपर शामिल हैं। इसके अलावा शुगरफेड में 101, जूनियर ऑडिटर के रूप में वित्त विभाग में 57 उम्मीदवार, रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग में 51, सहकारिता विभाग में 11 और गृह विभाग में लॉ अधिकारी के रूप में 10 उम्मीदवार नियुक्त किए गए हैं।”

भर्ती प्रक्रिया के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मेहनत और लगन ही चयन का एकमात्र मापदंड रहा है। वे दिन गए जब नौकरियां रिश्वत या सिफारिशों के आधार पर दी जाती थीं। हमारी सरकार योग्य उम्मीदवारों को नौकरियां देती है। सारी नियुक्तियां केवल योग्यता, पारदर्शिता और सिफारिश या बिना किसी राजनीतिक दखल से की गई हैं।”

पिछली सरकारों के समय पंजाब के हालातों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने लोगों के हितों को पूरी तरह नजरअंदाज किया और सिर्फ अपने हितों के बारे में ही सोचा, इसलिए ऐसे नेताओं से आम लोग क्या उम्मीद लगा सकते थे? इन नेताओं ने अपने सगे-संबंधियों और नजदीकियों को नौकरियां देने के लिए भ्रष्टाचार और पक्षपात करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।”

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