नई दिल्ली, 22 मई 2025: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक और छह अन्य लोगों के खिलाफ किरू जलविद्युत परियोजना (Kiru hydropower project) में कथित भ्रष्टाचार के मामले में आरोपपत्र दाखिल (chargesheet) किया है। यह मामला 2019 में 2,200 करोड़ रुपये के सिविल कार्यों के ठेके के आवंटन में अनियमितताओं से संबंधित है।
CBI ने तीन साल की जांच के बाद विशेष अदालत में अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें मलिक के अलावा चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (CVPPPL) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक एम.एस. बाबू, निदेशक एम.के. मित्तल और अरुण कुमार मिश्रा, मलिक के निजी सचिव वीरेंद्र राणा और कंवर सिंह राणा, और एक दूसरे व्यक्ति कंवलजीत सिंह दुग्गल को आरोपी बनाया गया है।
सत्यपाल मलिक का इस मामले पर बयान
मलिक, जो 23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे, ने दावा किया था कि उन्हें किरू परियोजना सहित दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। हालांकि, उन्होंने 22 मई 2025 को ‘X’ पर पोस्ट कर कहा कि वह अस्पताल में भर्ती हैं और किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई ने उनके द्वारा भ्रष्टाचार में शामिल लोगों की शिकायत की जांच करने के बजाय उनके आवास और सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य लिंक की जांच कर रही है, और इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। यह कार्रवाई पंजाब में नशे और संगठित अपराध के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम का हिस्सा है।
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